पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अब तक किसी महिला को भाजपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं बनने पर सवाल उठाए। महिला आरक्षण बिल के मुद्दे पर पीएम नरेंद्र मोदी के लोकसभा में दिए भाषण के बाद गहलोत ने गुरुवार को पलटवार किया। गहलोत ने पीएम मोदी पर देश को भ्रमित करने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए तंज कसा। गहलोत ने कांग्रेस में महिलाओं को दिए गए पदों से तुलना भी की। गहलोत ने एक्स पर लिखा- कांग्रेस महिला आरक्षण की सबसे बड़ी समर्थक है और यह कांग्रेस का ही विजन है। पिछले 25-30 वर्षों में लाखों महिलाओं का ग्रासरूट पॉलिटिक्स में राजनीतिक तौर पर नेतृत्व करने का श्रेय राजीव गांधी और कांग्रेस पार्टी को जाता है। उन्होंने पंचायती राज और स्थानीय निकायों में महिलाओं को आरक्षण देने की पहल की थी। यह राजीव गांधी का सपना था। गहलोत ने लिखा- यह भी याद दिलाना जरूरी है कि यह कांग्रेस की ही सोच थी कि देश को प्रथम महिला राष्ट्रपति के तौर पर प्रतिभा पाटिल मिलीं और महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी हुईं। मीरा कुमार महिला स्पीकर हुईं और भी अनेक पदों पर महिलाओं ने नेतृत्व किया है। हालांकि भाजपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष आज तक कोई महिला नहीं बन सकी हैं। कहा- महिला आरक्षण के सभी पक्षधर गहलोत ने लिखा- पीएम मोदी इस मौके पर राजीव गांधी को याद करते और यूपीए सरकार के प्रयासों की बात करते तो सदन में पक्ष-विपक्ष में अच्छा माहौल बनता। इसकी जगह पीएम ने अपने भाषण में देशवासियों को भ्रमित करने की कोशिश की और यह जताने का प्रयास किया( जैसे महिला आरक्षण का कांग्रेस सहित विपक्षी दल विरोध कर रहे हों। जबकि सच्चाई यह है कि महिला आरक्षण के सभी पक्षधर हैं। क्या पीएम ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से चर्चा की? गहलोत ने लिखा- पीएम मोदी के पास आज फिर मौका था कि वे पक्ष-विपक्ष को साथ लेकर चलते, लेकिन उन्होंने इस मौके का इस्तेमाल भी देशवासियों को मिसलीड करने के लिए किया। क्या प्रधानमंत्री ने इतने महत्वपूर्ण विषय पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से चर्चा की? महिला आरक्षण के खिलाफ कोई नहीं है, लेकिन इसकी आड़ में परिसीमन करने का प्रयास किया जा रहा है। क्या परिसीमन के मुद्दे पर दक्षिण के राज्यों सहित सभी राज्यों और अन्य स्टेकहोल्डर्स से चर्चा हुई है?
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