सुखविंदर कौर संघा उर्फ सुक्खी कौर, जो ड्रग्स के साथ पकड़ने जाने पर जेल गई हैं।(फाइल फोटो)
पंजाबी लेडी रेडियो होस्ट को कनाडा में ड्रग तस्करी केस में साढ़े 5 साल की सजा सुनाई गई। कभी वह सार्वजनिक मंचों से युवाओं को ड्रग नहीं करने की सलाह देती थीं, लेकिन पर्दे के पीछे उन्हीं खतरनाक दवाओं का कारोबार करने लगीं।
.
83 करोड़ रुपए की ड्रग के साथ पड़े जाने के बाद भी उन्होंने परिवार से मामला छिपाकर रखा। बचने के लिए कोर्ट में भी कई दलीलें दी, लेकिन सब खारिज हो गईं और मोइबाइल में मिले मैसेज से वह गिरोह की भरोसेमंद पार्टनर निकलीं।
वे जालंधर के नकोदर से संबंधित रखती हैं और 3 बच्चों की मां हैं। पति से तलाक हो चुका है। अपने मंझले बेटे और 78 साल की बीमार मां के साथ कनाडा में रह रही थीं। ब्रिटिश कोलंबिया में 10 साल से पंजाबी रेडियो और टीवी होस्ट रहीं।
इसके अलावा वह फार्मेसी तकनीशियन भी थीं। दवाओं के विज्ञान और उनके शरीर पर होने वाले प्रभावों की उनको समझ थी। रेडियो होस्ट से ड्रग क्वीन कैसे बनीं, पुलिस से कैसे बचती रहीं, फिर कैसे पकड़ी गईं…जानने के लिए पढ़ें रिपोर्ट…
सुखविंदर कौर संघा उर्फ सुक्खी कौर (फाइल फोटो)
संघा रेडियो होस्ट से कैसे बनीं ड्रग क्वीन
- पहचान और रसूख का उठाया फायदा: सुखविंदर कौर संघा उर्फ सुक्खी कौर का बैकग्राउंड केवल मीडिया तक सीमित नहीं था। वे फार्मेसी तकनीशियन भी थीं। दवाओं के विज्ञान और उनके शरीर पर होने वाले प्रभावों की उनको समझ थी। अपनी पर्सनेलिटी का फायदा उठाकर और पुलिस वालों से जान पहचान के चलते वह असानी से बॉर्डर क्रॉस कर जाती थीं। हैरानी की बात यह है कि एक तरफ वे सार्वजनिक मंचों पर युवाओं को नशीली दवाओं के खिलाफ जागरूक करने के लिए रैलियां आयोजित करती थीं, तो दूसरी तरफ पर्दे के पीछे वे उन्हीं खतरनाक दवाओं का कारोबार।
- अमेरिका की यात्राओं से शक बढ़ा: संघा के ड्रग तस्करी की दुनिया में एंट्री करने के संकेत 2021 की शुरुआत में मिलने लगे थे। जांच के दौरान पता चला कि अगस्त से अक्टूबर के बीच उन्होंने अमेरिका की 3 दौरे किए। हर बार वे सिएटल या लॉस एंजिल्स जैसी जगहों पर जातीं, वहां कार किराए पर लेतीं और महज एक या दो दिन में वापस लौट आतीं। कोर्ट ने माना कि ये यात्राएं तस्करी के नेटवर्क को समझने और ट्रायल करने के लिए की गई थीं।
- सहेली को भी कर दिया था ट्रेंड- संघा केवल कूरियर के रूप में काम नहीं कर रही थीं, बल्कि वे इस अवैध ऑपरेशन के लॉजिस्टिक्स में भी पूरी तरह से शामिल थीं। उन्होंने अपनी एक सहेली को पैसों का लालच देकर किराए की गाड़ी ली थी। इतना ही नहीं संघा ने सहेली को भी सीमा पर पुलिस के रोके जाने पर झूठ बोलने की ट्रेनिंग दी थी। ये सब बातें संघा ने कोर्ट ट्रायल में मानी हैं।
- बड़े अंतरराष्ट्रीय गिरोह के लिए काम करने का शक- 18 अक्टूबर 2021 को जब उन्हें 108 किलो शुद्ध मेथमफेटामाइन के साथ पकड़ा गया, तो इसने पुलिस अधिकारियों को चौंका दिया। बाजार में इसकी कीमत 83 करोड़ रुपए के लगभग थी। इतनी बड़ी मात्रा में ड्रग्स किसी छोटे स्मगलर को नहीं दी जाती। पुलिस ने कोर्ट में कहा कि उनको शक है कि संघा किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट के सीधे संपर्क में थीं।
- संघा बोली- फिरौती का पैसा चुकाने ड्रग लाई: कोर्ट में संघा ने खुद को पीड़ित दिखाने की कोशिश की। उन्होंने दावा किया कि उनके बेटे को जान से मारने की धमकी मिली थी। इसके लिए डेढ़ लाख डॉलर मांगे गए थे। इतना पैसा चुकाने के लिए उन्होंने यह कदम उठाया। उनके वकील ने तर्क दिया कि वे दबाव में थीं और 3 बेटों व बीमार मां की इकलौती सहारा हैं। जज ने कहा कि एक जागरूक पत्रकार होने के नाते पुलिस के पास न जाकर अपराध का रास्ता चुनना उनकी सोची-समझी साजिश का हिस्सा है। रसूखदार पहचान और बेदाग छवि उन्हें कानून की नजरों में अपराधी बनने से नहीं बचा सकी।
- मुनाफे के लिए समाज को खतरे में डाला: जज जॉन गिब-कार्सले ने कहा कि संघा की कहानियों पर विश्वास नहीं किया जा सकता। अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि जागरूक पत्रकार का धमकी मिलने पर पुलिस के पास जाना चाहिए था। जज ने माना कि संघा ड्रग्स के प्रभाव को जानती थीं, फिर भी उन्होंने मुनाफे के लिए समाज को खतरे में डाला। कोर्ट ने 15 अप्रैल 2026 को उनको साढ़े 5 साल की सजा सुनाई।
सुखविंदर संघा को पुलिस ने चेकिंग के दौरान पड़ लिया था। लेकिन वह मौका पाकर भाग निकली थी, इसके बाद पुलिस ने उनका पीछा और जाम में फंसने के कारण पकड़ लिया था।
अमेरिका-कनाडा बॉर्डर पर कैसे फंसी
- बॉर्डर पर कार रोकी तो बोली- चाची के संस्कार से लौट रही हूं- 18 अक्टूबर 2021 की शाम को सुखविंदर संघा फ्लोरिडा की लाइसेंस प्लेट वाली किराए की कार चलाते हुए अमेरिका से कनाडा की सीमा (सरे स्थित पैसिफिक क्रॉसिंग) पर पहुंचीं। जब बॉर्डर ऑफिसर ने उनसे पूछताछ की, तो संघा ने कॉन्फिडेंस के साथ अपना कनाडाई पासपोर्ट दिखाया। कहा कि वे अपनी चाची के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए वाशिंगटन गई थीं।
- पुलिस ने गाड़ी की तलाशी देने को कहा- शुरुआती बातचीत के बाद कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी (CBSA) के अधिकारियों को उनकी बातों और बार-बार अमेरिका जाने पर शक हुआ। अधिकारी ने उन्हें आदेश दिया कि वे अपनी कार को एक तरफ लगाएं और तलाशी करने दें। पहले संघा ने आदेश मानने का नाटक किया, लेकिन जैसे ही मौका मिला तो कार भगा ली।
- पुलिस ने रेडियो अलर्ट कर कार को रोका- संघा ने अधिकारियों के निर्देश को अनसुना करते हुए बैरिकेड्स के पास से अपनी कार को भगा तो अधिकारियों ने तुरंत रेडियो पर अलर्ट जारी किया। पास ही मौजूद एक दूसरे बॉर्डर ऑफिसर ने संघा की कार को रोका, लेकिन रुकी नहीं। इसके बाद पुलिस ने इमरजेंसी लाइटें जलाईं और उनके पीछे अपनी गाड़ियां दौड़ा दीं।
- हाईवे पर खतरनाक तरीके से गाड़ी भगाई- पुलिस ने कोर्ट में बताया कि संघा के भागने पर उनकी गाड़ियों ने पीछा किया। गाड़ियां सायरन बजाते हुए और लगातार हॉर्न देते हुए संघा का पीछा कर रही थीं। संघा पुलिस की चेतावनी को नजरअंदाज करते हुए सड़क पर खतरनाक तरीके से गाड़ी दौड़ाती रहीं। वे किसी भी कीमत पर पुलिस की पकड़ से दूर निकल जाना चाहती थीं। उसकी ड्राइविंग से अन्य यात्रियों की जान भी खतरे में पड़ गई थी।
- ट्रैफिक में फंसने पर पुलिस के हाथ आईं- पुलिस ने बताया कि जब संघा की कार सरे के 17830 16वें एवेन्यू के पास पहुंची, तो शाम के साढ़े 4 बजे ट्रैफिक जाम था। संघा लाख चाहने के बावजूद उस भीड़ को पार नहीं कर पाईं और उनकी कार की रफ्तार धीमी हो गई। इसी मौके का फायदा उठाकर पुलिस की गाड़ियों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया।
- तलाशी में करोड़ों की ड्रग्स की मिली- पुलिस ने तुरंत संघा को गाड़ी से बाहर निकाला और उन्हें हिरासत में ले लिया। जब कार की डिग्गी खोली गई, तो 4 बड़े डफल बैग मिले। इनमें से 108 किलो प्योर मेथमफेटामाइन मिली। इसके साथ ही कार से 2 आईफोन और एक ऐसा आईपैड मिला जिसका सारा डेटा डिलीट मिला।
जानिए क्या है मेथामफेटामाइन ड्रग्स
मेथामफेटामाइन एक अत्यंत शक्तिशाली और नशीला सिंथेटिक उत्तेजक ड्रग है, जो सीधे शरीर के केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है। यह आमतौर पर सफेद, गंधहीन और कड़वे स्वाद वाले पाउडर या कांच के टुकड़ों जैसे दिखने वाले ‘क्रिस्टल’ के रूप में पाया जाता है। इसके सेवन से मस्तिष्क में ‘डोपामाइन’ रसायन की भारी मात्रा निकलती है, जिससे व्यक्ति को अचानक ऊर्जा, अत्यधिक उत्साह और खुशी का अनुभव होता है।
हालांकि, यह प्रभाव जितना तीव्र होता है, इसके दुष्परिणाम उतने ही घातक होते हैं; इसके निरंतर उपयोग से हृदय रोग, याददाश्त में कमी, हिंसक व्यवहार, मसूड़ों की गंभीर सड़न (मेथ माउथ) और मानसिक मतिभ्रम जैसी समस्याएं हो सकती हैं। यह ड्रग बहुत जल्दी लत लगा देता है, जो व्यक्ति के शारीरिक और सामाजिक जीवन को पूरी तरह बर्बाद कर सकता है।
*******************
ये खबर भी पढ़ें:
पंजाबी महिला रेडियो होस्ट को कनाडा में सजा: ₹83 करोड़ की ड्रग के साथ पकड़ी, मैसेज से खुलासा- गिरोह की भरोसेमंद पार्टनर थी
कनाडा में रहने वाली पंजाबी रेडियो होस्ट को नशा तस्करी के केस में ब्रिटिश कोलंबिया की कोर्ट ने साढ़े 5 साल की सजा सुनाई है। पुलिस ने 83 करोड़ रुपए की मेथामफेटामाइन ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया था। (पढ़ें पूरी खबर)