मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) कैंपस में एक छात्रा के साथ हुई छेड़खानी का मामला सामने आया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए कॉलेज के प्राचार्य ने अनुशासन समिति को 24 घंटे के अंदर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। गुरुवार को समिति ने घटना के समय ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों और अन्य कर्मचारियों से अलग-अलग पूछताछ की। छात्रावास से लेकर मुख्य कैंपस तक के सभी सीसीटीवी फुटेज की सघन जांच की जा रही है। प्राचार्य ने स्पष्ट किया कि कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त निर्णय लिया जाएगा। सुरक्षा से जुड़े मुद्दे को उठाया छात्राओं का कहना है कि एमआईटी के एक्सचेंज गेट से लेकर हॉस्टल के रास्तों तक असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। पूर्व में भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी है, लेकिन ठोस कार्रवाई न होने से बाहरी तत्वों के हौसले बुलंद है। गुरुवार को हुई अनुशासन समिति की बैठक में भी शिक्षकों ने छात्राओं की सुरक्षा के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। छेड़खानी मामले के अलावा, अनुशासन समिति ने कैंपस में छात्रों के बीच हुई पुरानी झड़पों पर भी कड़ा रुख अपनाया है। 2022 में दो छात्रों के बीच हुए विवाद की सुनवाई के दौरान कमेटी ने गवाहों के तौर पर 4-5 छात्रों को अगली बैठक में मौजूद रहने का आदेश दिया है। आरोपी चार छात्र चिन्हित वहीं, एक अन्य मामले में फर्स्ट ईयर के छात्र यश कुमार के साथ हॉस्टल-1 के छात्रों द्वारा की गई मारपीट की पुष्टि सीसीटीवी फुटेज से हुई है। इस हिंसा में शामिल चारों आरोपी छात्रों को चिन्हित कर लिया गया है। अनुशासन समिति ने सख्त रुख अपनाते हुए इन छात्रों को अपने अभिभावकों के साथ पेश होने का आदेश दिया है। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि शैक्षणिक माहौल खराब करने वाले किसी भी छात्र को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल, पूरे कैंपस में सुरक्षा बढ़ाने की मांग जोर पकड़ रही है।
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