भिंड में सामाजिक जागरूकता और जनसंदेश के उद्देश्य से संत कालिदास महाराज की पदयात्रा शुक्रवार से शुरू हो गई। संत समिति के जिला अध्यक्ष कालिदास महाराज ने सुबह करीब 11:30 से 12 बजे के बीच अटेर रोड स्थित बड़े हनुमान मंदिर से पैदल यात्रा का शुभारंभ किया। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य मानव जीवन की रक्षा, गौ संरक्षण, बेटियों के सम्मान, नशा मुक्ति और नदियों के संरक्षण को लेकर जनजागरण फैलाना है। पदयात्रा का शुभारंभ दंदरौआ हनुमान मंदिर के महंत महामंडलेश्वर रामदास महाराज की मुख्य आतिथ्य में किया गया। इस अवसर पर जिलेभर के संतों की उपस्थिति रही। यात्रा के दौरान “सबकी बेटी हमारी बेटी” का संदेश देते हुए समाज में बेटियों के सम्मान और सुरक्षा को लेकर जागरूक किया जाएगा। यात्रा के पहले दिन संतों का दल भिंड से फूप तक पहुंचेगा। दूसरे दिन यात्रा फूप से उमरी पहुंचेगी, जहां त्रिमूर्ति धाम मंदिर में विश्राम होगा। इसके बाद उमरी से बघेली बहादुरपुर स्थित कालका देवी मंदिर तक यात्रा जाएगी। आगामी चरणों में यह पदयात्रा विभिन्न गांवों से होते हुए बालाजी मंदिर, लहार के वनखंडेश्वर महादेव मंदिर, चौरई और आलमपुर क्षेत्रों तक पहुंचेगी। इस दौरान संत समाज गांव-गांव जाकर लोगों को पर्यावरण संरक्षण, जीव-जंतुओं की रक्षा और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करेगा। संत कालिदास महाराज ने स्पष्ट संदेश दिया कि गांव की हर बेटी पूरे समाज की जिम्मेदारी है और उसके प्रति किसी भी प्रकार की गलत नजर नहीं डाली जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने गौवंश को सड़कों पर छोड़ने के बजाय घरों में सुरक्षित रखने और नदियों में हो रहे अवैध उत्खनन को रोकने की अपील की। गौरतलब है कि कालिदास महाराज पिछले दो वर्षों से नेशनल हाईवे-719 के चौड़ीकरण को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में हुए आंदोलनों के बाद सरकार को इस मुद्दे पर निर्णय लेने के लिए बाध्य होना पड़ा। हाल ही में टोल प्लाजा पर हुए आंदोलन के दौरान शासन ने हाईवे चौड़ीकरण को लेकर लिखित आश्वासन भी दिया है।
परशुराम सेना के अध्यक्ष देवेश शर्मा के अनुसार, यह कालिदास महाराज की दूसरी बड़ी पदयात्रा है, जिसके माध्यम से वे जिले के सुदूर गांवों तक पहुंचकर सात प्रमुख सामाजिक संदेशों का प्रसार करेंगे।
Source link