लुधियाना के जगराओं शहर में ठगी का एक मामला सामने आया है। नौसरबाजों ने बैंक में पैसे जमा करवाने आए एक व्यक्ति को झांसे में लेकर 15 हजार रुपए ठग लिए। पीड़ित की शिकायत पर थाना सिटी पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पीडि़त के अनुसार वह बैंक में किश्त जमा कराने गया था, तभी ठगों ने उसे फंसा लिया। उन्होंने हाथ में रुमाल में बंडल दिखाकर बोले कि उनलोगों ने वेतन न देने पर मालिक के पैसे चोरी किया हैं। जिसे वह बैंक में जमा कराना चाहते हैं। उनको घर जाना है और पैसे की जरूरत है। आरोपियों ने बातों में फंसाकर और पैसे की लालच देकर शिकार बनाया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों की पहचान गुलशन अरोड़ा निवासी गांव हमीदी, जिला मालेरकोटला (वर्तमान निवासी स्टार रोड, गुरुद्वारा रेडू साहिब के पास, गांव लुहारा) और गगनदीप सिंह उर्फ गगन निवासी गांव लुहारा के रूप में हुई है। पुलिस ने शिकायत की जांच के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उनकी तलाश की जा रही है। पॉइंट वार जानिए… ठगों ने कैसे बनाया शिकार बाइक की किश्त जमा करना गया था पीडि़त: थाना सिटी के एएसआई शमिंदरजीत सिंह ने बताया कि करनैल गेट निवासी वरिंदर कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह 10 अप्रैल 2026 को अपने साथी हर्षदीप पांडे निवासी करनैल गेट गली, जगराओं के साथ एचडीएफसी बैंक जगराओं में मोटरसाइकिल की किस्त के 15 हजार रुपए जमा करवाने गए थे। ठग बोला- मालिक के पैसे चोरी किया: पीड़ित के अनुसार, जब वह बैंक में पैसे जमा करवाने के लिए फॉर्म भर रहे थे, तभी एक व्यक्ति उनके पास आया। उसने बताया कि वह अमृतसर में काम करता था, लेकिन मालिक ने उसे वेतन नहीं दिया। इसलिए उसने मालिक के 1.50 लाख रुपए चुरा लिए हैं और वह चाहता है कि कोई व्यक्ति फॉर्म भरकर उसके पैसे बैंक में जमा करवा दे। बदले में उसने कुछ पैसे देने की बात कही। रुपए देने का दिया लालच: इसी दौरान एक अन्य व्यक्ति भी वहाँ पहुँच गया। दोनों ठग पीड़ित को बैंक के बाहर ले गए और कहने लगे कि यदि वे उस व्यक्ति के पैसे जमा करवा देंगे तो उन्हें 30 हजार रुपए मिलेंगे, जिनमें से 10-10 हजार रुपए वे आपस में बाँट लेंगे। उसके मना करने पर वहे सभी अपनी मजबूरी बताने लगे। इसके साथ साथियों ने उसे बातों में उलझा लिया। घर जाने की जरूरत बताकर लिए रुपए: पीड़ित ने बताया कि इसी बीच पहला व्यक्ति भी बाहर आ गया और कहने लगा कि उसे उत्तर प्रदेश जाना है और कपड़े आदि खरीदने के लिए पैसों की जरूरत है। बातों में फंसाकर उसने पीड़ित से मोटरसाइकिल की किस्त के 15 हजार रुपए ले लिए। इसके बाद उसने अपने 300 रुपए मिलाकर कुल 15,300 रुपए दूसरे ठग को दे दिए, जिससे पीड़ित के 15,000 रुपए ठग लिए गए। डेढ़ रुपए बताकर रुमाल में कागज थमाया: इसके बाद उस व्यक्ति ने उन्हें एक भारी रूमाल थमा दिया और कहा कि इसमें डेढ़ लाख रुपए हैं, इसे बैंक के अंदर जाकर खोलकर जमा करवा देना। जब पीड़ित ने बैंक के अंदर जाकर रूमाल खोला तो उसमें पैसे की जगह केवल कागज के टुकड़े निकले। यह देखकर पीड़ित के होश उड़ गए। वह तुरंत बाहर आया, लेकिन तब तक दोनों आरोपी वहां से फरार हो चुके थे।
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