बेगूसराय में डीएम श्रीकांत शास्त्री के नेतृत्व में पोषण पखवाड़ा चल रहा है। जो अब सरकारी औपचारिकता से निकलकर बड़े जन-आंदोलन में तब्दील हो गया है। जिले के मटिहानी प्रखंड स्थित रचियाही नया टोला में आज आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में एक अनोखा संकल्प देखने को मिला। जिसकी काफी चर्चा हो रही है। यहां ग्रामीणों ने कुपोषण मिटाने के साथ-साथ बच्चों को डिजिटल नशा (मोबाइल की लत) से बचाने का सामूहिक संकल्प लिया। सामुदायिक भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में सभी ने मोबाइल के बढ़ते इस्तेमाल पर चिंता जताई। कहा कि मोबाइल की लत बच्चों के मानसिक-शारीरिक विकास को दीमक की तरह चाट रही है। बच्चों को मैदान की ओर प्रेरित करें अभिभावकों को सलाह दी गई कि वे बच्चों को मोबाइल के बजाय पारंपरिक कहानियों और मैदानी खेलों की ओर प्रेरित करें। ग्रामीणों ने भी माना कि डिजिटल स्क्रीन से दूरी बनाकर ही बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सकता है। अंत में पिरामल और स्वास्थ्य विभाग की मौजूदगी में ग्रामीणों ने पोषण शपथ ली। सभी ने शपथ लिया कि बच्चों के पोषण और शारीरिक स्वास्थ्य की नियमित निगरानी करेंगे। मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देंगे। मोबाइल से दूरी बनाकर बच्चों को कहानियों और संस्कृति से जोड़ने का काम किया जाएगा। अभियान की सफलता में पिरामल के ज्ञानोदय प्रकाश और दीपक मिश्रा ने तकनीकी जानकारी साझा की।
बेहतर स्वास्थ्य के लिए टिप्स दिए वहीं, महिला पर्यवेक्षिका अदिति कुमारी और एएनएम कृष्णा कुमारी ने धात्री माताओं (नवजात बच्चे की मां) और शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए व्यावहारिक टिप्स दिए। स्वस्थ बच्चा, समृद्ध बिहार के नारे के साथ संदेश दिया गया कि सही पोषण के साथ अपनों का समय और प्यार ही बच्चों के भविष्य की असली पूंजी है।
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