मधुबनी पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर राहुल यादव हत्याकांड का खुलासा कर लिया है। नौ मार्च को अरेर थाना क्षेत्र में हुई इस हत्या के मामले में पुलिस ने दो अन्य हिस्ट्रीशीटर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने लूट के पैसों के बंटवारे को लेकर राहुल की हत्या करने की बात कबूली है। गिरफ्तार अपराधियों की पहचान अरेर थाना के झोंझी गांव निवासी श्रावण कुमार यादव और सकरी थाना के गंधवार गांव निवासी आदित्य कुमार झा के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से दो देशी पिस्टल, तीन गोली, 1150 ग्राम गांजा, तीन मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल जब्त की है। पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आरोपी आदित्य कुमार झा पर मधुबनी और दरभंगा जिलों के विभिन्न थानों में एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। एसपी ने बताया कि शुक्रवार शाम पुलिस को सूचना मिली थी कि नागदह बलाईन आम गाछी के पास दो व्यक्ति हथियारों के साथ किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों को हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से लोडेड देशी पिस्टल, गांजा, बाइक और मोबाइल बरामद हुए। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि जब्त की गई मोटरसाइकिल मधुबनी नगर थाना क्षेत्र से लूटी गई थी। उन्होंने यह भी कबूल किया कि राहुल की हत्या के बाद वे कुछ दिनों के लिए दिल्ली भाग गए थे। पैसे खत्म होने पर वे वापस आकर गांजा तस्करी करने लगे थे और इसी दौरान गांजा बेचने आए थे। राहुल यादव की हत्या के कारण के बारे में पूछे जाने पर आरोपियों ने बताया कि पिछले 7-8 महीनों में उन्होंने और राहुल ने मिलकर मधुबनी जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में कई लूटपाट की घटनाओं को अंजाम दिया था। लूट का सारा पैसा राहुल के पास ही रहता था। जब श्रावण और आदित्य ने अपना हिस्सा मांगा, तो राहुल टालमटोल करने लगा और उन्हें गोली मारने की धमकी भी दी। इसी के बाद मौका पाकर नौ मार्च की रात परजूआर कोसी नहर पुल के पास दोनों ने राहुल को गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या के बाद वे मोटरसाइकिल और दोनों पिस्टल लेकर फरार हो गए और अलग-अलग जगहों पर छिपकर रहने लगे। आरोपियों ने बताया कि राहुल की हत्या उन्हीं पिस्तौलों से की गई थी जो उनके पास से बरामद हुई हैं।
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