नागौर के पांचौड़ी क्षेत्र में हाई टेंशन लाइन के काम के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया, जहां बिजली टावर निर्माण के लिए गड्ढे की खुदाई करते समय अचानक मिट्टी ढह गई। इस हादसे में वहां काम कर रहे सात मजदूर मलबे में दब गए, जिनमें से एक किशोर मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद अफरा-तफरी मच गई और अन्य मजदूरों को बाहर निकाला गया। मृतक की पहचान बारां जिले के निवासी भगवान सिंह के रूप में हुई है, जिसका शव खींवसर जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है।
इस मामले में ठेकेदार की कार्यप्रणाली और बाल श्रम को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। मौके पर मौजूद साथियों का कहना है कि मृतक भगवान सिंह की उम्र मात्र 13 वर्ष थी और उससे नाबालिग होने के बावजूद वहां काम करवाया जा रहा था। वहीं दूसरी ओर, ठेकेदार पर तथ्यों को छिपाने के आरोप लग रहे हैं क्योंकि उसने अस्पताल के रिकॉर्ड में मृतक की उम्र 19 वर्ष लिखवाई है। हादसे का शिकार हुए सभी मजदूर बारां जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं। फिलहाल पुलिस और प्रशासन इस पूरे मामले की जांच में जुटे हैं कि आखिर इतनी बड़ी लापरवाही और बाल श्रम किसके संरक्षण में चल रहा था।
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