समस्तीपुर के हसनपुर थाना क्षेत्र से 16 अप्रैल को गायब एक पेट्रोल पंप के मैनेजर को आज बेहोशी की हालत में बेगूसराय से बरामद किया गया है। बेहोश युवक को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। युवक की पहचान हसनपुर थाना क्षेत्र के हरपुर गांव के रहने वाले स्वर्गीय रामदेव यादव के बेटे वरुण यादव (32) के रूप में की गई है। वरुण यादव बड़गांव में स्थित एक पेट्रोल पंप पर काम करता था। 16 अप्रैल को सुबह करीब 10 बजे घर से पेट्रोल पंप ड्यूटी पर जाने की बात कह कर निकाला था। लेकिन शाम में उसका मोबाइल स्विच ऑफ बताने पर परिजनों ने खोज में शुरू किया तो कुछ पता नहीं चला। इसके बाद उसकी पत्नी विभा देवी ने हसनपुर थाना में गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया था। तभी से पुलिस और परिजन उसकी खोजबीन कर रहे थे। इसी दौरान वरुण के भाई के मोबाइल पर आज फोन आया कि वह गढ़पुरा थाना क्षेत्र में हरिगिरिधाम से करीब आधा किलोमीटर दूर बदिया बांध के किनारे बेहोशी की हालत में पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही गढ़पुरा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और उसे बेहोशी की हालत में उठाकर गढ़पुरा पीएचसी पहुंचाया। सीसीटीवी जांच में बैंक में नहीं दिखे थे जहां हालत गंभीर रहने पर उसे बेगूसराय रेफर कर दिया गया है। वरुण के चचेरे भाई लालटुन यादव का कहना है कि वह पेट्रोल पंप पर जाने की बात कह कर घर से निकले थे। लेकिन घर नहीं लौटे। हम लोगों ने छानबीन किया तो पता चला कि वरुण बैंक जाने वाले थे। हम लोग बिथान स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा गए। वहां सीसीटीवी जांच में बैंक में नहीं दिखे। तभी से खोजबीन कर रहे थे, इसी दौरान आज बेहोशी की हालत में पड़े होने की सूचना मिली। वरुण का मोबाइल और बाइक भी गायब है। होश में आने के बाद ही घटना के कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं पर जांच-पड़ताल कर रही है। गढ़पुरा थानाध्यक्ष राहुल कुमार ने बताया कि बेहोशी की हालत में मिले युवक के गुमशुदगी का मामला हसनपुर थाना में दर्ज है। इस संबंध में त्रिदेव ऑटो सर्विस के पेट्रोल पंप के मालिक शोभाकांत राय ने बताया कि वरुण लंबे समय से मेरे पेट्रोल पंप पर मैनेजर का काम करते थे। सभी हिसाब किताब उन्हीं के पास रहता था। 15 अप्रैल को वरुण पंप पर आए थे, तेल लाने के लिए पैसा बैंक में जमा करना था। इसके लिए वह 12.15 बजे काले रंग के बैग में करीब 17 लाख रुपया लेकर बैंक ऑफ बड़ौदा के बिथान ब्रांच जाने के लिए निकले थे। जहां दोपहर में तक नहीं लौटे तो मेरे एक स्टाफ ने फोन किया तो उसने कहा था कि बैंक में हैं। फिर शाम में कहा कि बैंक का सर्वर फेल है, जिसके कारण पैसा जमा नहीं हो सका और हम वह पैसा लेकर अपने घर जा रहे हैं। 16 अप्रैल को वरुण पेट्रोल पंप पर नहीं आया। 11:50 बजे मेरे स्टाफ ने फोन किया तो उन्होंने कहा था कि बैंक पैसा ट्रांसफर करने जा रहे हैं। उसके बाद फिर दोपहर में कॉल किया तो मोबाइल स्विच ऑफ था। शंका होने पर बैंक का स्टेटमेंट चेक किया तो पता चला कि बैंक में बैलेंस नहीं पहुंचा है। उसके बाद से खोजबीन कर रहे थे। बैंक का पूरा लेखा-जोखा इसी के पास रहता था। किसके यहां क्या बकाया है यह वही जानते थे। आज उनके परिवार के लोगों द्वारा सूचना मिली कि हरिगिरिधाम के बगल में स्थित एक रास्ते के किनारे बेहोशी की हालत में मिले। इसके बाद हम लोग अस्पताल पहुंचे। मामला क्या है, यह जांच का विषय है, घटना का खुलासा पुलिस करेगी। आशंका है कि पूरा मामला पैसा गबन करने का है। फिलहाल वरुण का इलाज बेगूसराय सदर अस्पताल में चल रहा है। जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। मौके पर उसके परिजन, पेट्रोल पंप मालिक एवं उसके अन्य स्टाफ होश में आने का इंतजार कर रहे हैं। जिसके बाद मामले का खुलासा होगा।
Source link