जालंधर के जेपी नगर रोड पर विकास के नाम पर बनाई गई व्यवस्था अब लोगों की जान की दुश्मन बनती जा रही है। यहां सड़क पर बिना किसी नियम के अचानक बनाए गए स्पीड ब्रेकर ने लोगों का चलना दूभर कर दिया है। स्थिति यह है कि न तो इन ब्रेकरों पर कोई सफेद पट्टी (जेब्रा मार्किंग) है और न ही दूर से दिखने वाले रिफ्लेक्टर या रेडियम। रात के अंधेरे में ये ब्रेकर दिखाई नहीं देते, जिसके कारण वाहन चालक अचानक अपना संतुलन खो बैठते हैं।
तीन से अधिक हादसे हुए स्थानीय निवासियों का कहना है कि पिछले मात्र तीन दिनों में यहां तीन से अधिक बड़े हादसे हो चुके हैं। बीती रात भी एक भयानक एक्सीडेंट हुआ, जिसमें एक व्यक्ति का चेहरा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया और उसे गंभीर हालत में निजी अस्पताल भर्ती कराना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, राहगीरों को पता ही नहीं चलता कि आगे ब्रेकर है, और तेज रफ्तार वाहन हवा में उछलकर सड़क पर गिर रहे हैं।
लोगों ने बताया कि कुछ समय पहले एक महिला अपने छह महीने के बच्चे के साथ यहां से गुजर रही थी, तभी अचानक ब्रेकर आने से उनका संतुलन बिगड़ा और बच्चा मां के हाथ से छूटकर सड़क पर जा गिरा। गनीमत रही कि पीछे से कोई तेज़ वाहन नहीं आ रहा था, वरना परिणाम घातक हो सकता था। इस क्षेत्र के दुकानदारों और निवासियों ने आरोप लगाया कि जब सड़क बन रही थी, तब लेबर और ठेकेदार को आगाह किया गया था कि बिना लाइट और रिफ्लेक्टर के ये ब्रेकर जानलेवा साबित होंगे, लेकिन उनकी एक न सुनी गई।
प्रशासन समस्या का समाधान करे लोगों ने प्रशासन से सवाल किया है कि क्या किसी की मौत होने के बाद ही सुधार किया जाएगा? उनकी मांग है कि इन ब्रेकरों पर तुरंत येलो पेंट (पीली पट्टी), रेडियम रिफ्लेक्टर और प्रॉपर स्ट्रीट लाइटिंग का इंतजाम किया जाए। स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो बड़ा प्रर्दशन करेंगे।
Source link