बरनाला पहुंचे सांसद अमृतपाल के पिता तरसेम सिंह:केंद्र-राज्य सरकारों पर धक्केशाही का आरोप, बोले-चुने हुए जनप्रतिनिधि को संसद जाने से रोक रहे




बरनाला में सांसद अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह और पूर्व वित्त मंत्री परमिंदर सिंह ढींडसा ने केंद्र और पंजाब सरकार पर ‘धक्केशाही’ और तानाशाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। दोनों नेताओं ने अमृतपाल सिंह की रिहाई और पंथक एकता को मजबूत करने के लिए ‘वारिस पंजाब दे’ और ‘शिरोमणि अकाली दल (पुनर सुरजीत)’ के बीच गठबंधन की घोषणा की। इसके लिए एक विशेष समिति का गठन किया जा रहा है। मीडिया से बात करते हुए तरसेम सिंह ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर संविधान का उल्लंघन कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि तीसरी बार एनएसए (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) की अवधि समाप्त होने के बावजूद, सरकारें पुराने मामले उठाकर अमृतपाल सिंह और उनके साथियों को डिब्रूगढ़ जेल में बंद रख रही हैं। तरसेम सिंह ने इसे एक चुने हुए जनप्रतिनिधि को संसद जाने से रोकने का सरासर अन्याय बताया। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता ने अमृतपाल सिंह को उनके नशा विरोधी अभियान के कारण भारी बहुमत से जिताया है, लेकिन सरकार उनकी लोकप्रियता से डरकर उन्हें कैद में रख रही है। उनका बादल दल से कोई संबंध नहीं पूर्व वित्त मंत्री परमिंदर सिंह ढींडसा ने स्पष्ट किया कि शिरोमणि अकाली दल (पुनर सुरजीत) अकाल तख्त साहिब के आदेशों के अनुसार पंथक हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने साफ कहा कि उनका बादल दल से कोई संबंध नहीं है और न ही भविष्य में उनके साथ कोई समझौता होगा। ढींडसा ने जोर दिया कि खडूर साहिब की जनता ने अमृतपाल सिंह को सबसे अधिक वोटों से जिताकर अपना प्रतिनिधि चुना है, फिर भी उन्हें जेल में रखना भारतीय संविधान के विरुद्ध है। सभी पंथक धाराओं से एकजुट होने की अपील आगामी चुनावों के संदर्भ में ढींडसा ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि वे लहरागागा निर्वाचन क्षेत्र से ही चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं। दोनों नेताओं ने पंजाब की सभी पंथक धाराओं से एकजुट होने की अपील की ताकि अमृतपाल सिंह को न्याय दिलाया जा सके। उन्होंने सिमरनजीत सिंह मान के सहयोग का भी स्वागत किया। गठबंधन को लेकर बनी कमेटी अब यह तय करेगी कि भविष्य में किन अन्य समान विचारधारा वाली पार्टियों को इस मोर्चे के साथ जोड़ा जाना है।



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