गयाजी के गुरारू प्रखंड की ग्राम पंचायत डीहा के बंदरी गांव में मंगलवार दोपहर भीषण आग लग गई। इस घटना में करीब 40 बीघा में लगी गेहूं की तैयार फसल जलकर राख हो गई। आग से लगभग एक दर्जन किसान प्रभावित हुए हैं, जिनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। बताया जा रहा है कि जिन किसानों की फसल जलकर राख हुई है, उनमें से अधिकतर ने 3 से 4 लाख रुपए का कर्ज लेकर फसल तैयार की थी। वहीं, किसानों का आरोप है कि खेत में आग लगने की सूचना के करीब 2 घंटे बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ी आई, लेकिन तब तक अधिकतर फसल पूरी तरह जल चुकी थी। जानकारी के अनुसार, दोपहर में खेतों में अचानक आग लग गई। तेज हवा के कारण आग तेजी से फैली और आसपास के खेतों को अपनी चपेट में ले लिया। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग की भयावहता के कारण उस पर काबू पाना मुश्किल हो गया। 6 से अधिक किसानों की फसल जलकर राख इस अगलगी की घटना में एचडी बसीर, मो. हलीम, एमडी साबिर, ललन पासवान, सुरेंद्र पासवान और एमडी मिस्टर समेत अन्य किसानों की फसलें जल गईं। इन किसानों ने कड़ी मेहनत और लागत के बाद गेहूं की फसल तैयार की थी, जो एक ही झटके में नष्ट हो गई। घटना की सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीम को बुलाया गया। दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक अधिकांश फसल जल चुकी थी। टीम ने आग पर काबू पाया, ताकि आगे और नुकसान न हो। ग्राम पंचायत डीहा के मुखिया प्रतिनिधि मिंटू कुमार ने घटना पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि आग लगने का स्पष्ट कारण अभी सामने नहीं आया है। उन्होंने प्रभावित किसानों को सरकारी सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। साथ ही, उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द नुकसान का आकलन कर पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। किसानों ने प्रशासन से उचित मुआवजे की मांग की आग लगने की घटना के बाद किसान अपनी जली हुई फसल को देखकर बेहद दुखी और चिंतित हैं। कई किसानों ने कर्ज लेकर खेती की थी, ऐसे में अब उनके सामने आर्थिक संकट और भी गहरा गया है। ग्रामीणों और किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि इस तरह की घटनाओं से बचाव के लिए ठोस कदम उठाए जाएं और प्रभावित किसानों को शीघ्र राहत प्रदान की जाए, ताकि वे फिर से अपनी जिंदगी पटरी पर ला सकें।
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