अररिया में अबसेंट डॉक्टर-नर्सों का वेतन रोका:डीएम ने मांगा स्पष्टीकरण, बोले-स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं




अररिया जिला पदाधिकारी विनोद दूहन के निर्देश पर जिले के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण किया गया। जांच रिपोर्ट में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिसके बाद अनुपस्थित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया और उनके वेतन स्थगित कर दिए गए। संबंधित एजेंसियों से भी जवाब-तलब किया गया है। निरीक्षण के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नरपतगंज में डॉ. आशुतोष कुमार, स्टाफ नर्स चंदन कुमार और रोहित सिंह अनुपस्थित पाए गए। अनुमंडलीय अस्पताल फारबिसगंज में डॉ. अर्चना प्रसाद और सदर अस्पताल अररिया में स्टाफ नर्स सुप्रिया कुमारी भी ड्यूटी पर नहीं मिलीं। डीएम ने इन सभी कर्मचारियों का वेतन रोकने और उनसे स्पष्टीकरण मांगने का आदेश दिया है। रानीगंज रेफरल अस्पताल में टाइफाइड किट नहीं स्वास्थ्य सेवाओं में अन्य खामियां भी उजागर हुईं। पलासी, भरगामा, नरपतगंज, कुर्साकाटा, फारबिसगंज अनुमंडलीय अस्पताल और रानीगंज रेफरल अस्पताल में टाइफाइड किट उपलब्ध नहीं थीं। डीएम ने इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए किट की तत्काल उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। मरीजों को मिलने वाली भोजन सुविधा बंद जोकीहाट और कुर्साकांटा स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को मिलने वाली भोजन सुविधा बंद पाई गई। संबंधित एजेंसी से जवाब मांगा गया है और सेवा शीघ्र बहाल करने को कहा गया है। इसके अतिरिक्त, सिकटी, भरगामा और नरपतगंज में सिटिजन चार्टर प्रदर्शित नहीं था, जिस पर डीएम ने तत्काल चार्टर लगाने के आदेश दिए। फारबिसगंज अनुमंडलीय अस्पताल में बेडशीट दिन के रंग के अनुसार नहीं बदली जा रही थी। इस मामले में प्रभारी उपाधीक्षक और अस्पताल प्रबंधक से स्पष्टीकरण मांगा गया है। भरगामा और जोकीहाट में सेवाकाल लाभ के दो मामले लंबित पाए गए, जिनमें से एक प्रक्रियाधीन है और दो मामले सिविल सर्जन को भेजे गए हैं। सिविल सर्जन को जल्द निपटारा करने का निर्देश दिया गया है। सिकटी, पलासी और कुर्साकांटा में सेमी ऑटो एनालाइजर व ट्रूनाट मशीनें शून्य पाई गईं, जिससे जांच सुविधा प्रभावित हो रही थी। डीएम ने तुरंत जांच सुविधा शुरू करने का निर्देश दिया। भरगामा स्वास्थ्य केंद्र में बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली में डॉक्टर, CHO और ANM की हाजिरी दर्ज नहीं हो रही थी, जो एक गंभीर अनियमितता है। बायोमेट्रिक से जोड़ने का सख्त आदेश जारी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा गया और वेतन को बायोमेट्रिक से जोड़ने का सख्त आदेश जारी किया गया। जिला पदाधिकारी विनोद दूहन ने साफ कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी स्वास्थ्य संस्थानों को निर्धारित मानकों के अनुसार सेवाएं देने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई जारी रहेगी।



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