उज्जैन के अंकपात स्थित चित्रगुप्त धाम में गंगा सप्तमी (23 अप्रैल) पर भगवान चित्रगुप्त का प्रकटोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर 101 जोड़ों ने पंचकुंडीय महायज्ञ में आहुति दी। कार्यक्रम में बच्चों और युवाओं के लिए रंगोली व चित्रकला प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। चित्रगुप्त मंदिर सार्वजनिक न्यास ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कायस्थ समाज के लोग शामिल हुए। सुबह वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पांच पवित्र नदियों के जल से भगवान चित्रगुप्त का जलाभिषेक किया गया। इसके बाद भगवान को नूतन वस्त्र पहनाकर कायस्थ परिवारों द्वारा तैयार किए गए नैवेद्य का भोग लगाया गया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विशाल पंचकुंडीय महायज्ञ रहा। पंडित कुलदीप गुरु के आचार्यत्व में 101 जोड़ों ने पारंपरिक परिधान में बैठकर वैदिक विधि-विधान से हवन किया और महाआहुतियां दीं। महायज्ञ के समापन पर महाआरती की गई और विश्व शांति व कल्याण के लिए प्रार्थना की गई। बच्चों और युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए रंगोली एवं चित्रकला प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। 10 से 25 वर्ष आयु वर्ग के प्रतिभागियों ने भगवान चित्रगुप्त के आकर्षक चित्र बनाए। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के समापन पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने भोजन प्रसादी ग्रहण की।
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