Ujjain Insurance Scam | Sarpanch, Secretary, ICICI Agent


उज्जैन3 मिनट पहले

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उज्जैन स्थित आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने गुरुवार को ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस से जुड़े करीब 8 करोड़ रुपए के बीमा घोटाले का बड़ा खुलासा किया है। इस संगठित ठगी में बीमा एजेंट, पॉलिसी धारक, उनके नॉमिनी और पंचायत स्तर तक की मिलीभगत सामने आई है। मामले में सरपंच, सचिव और सहायक सचिव सहित करीब 40 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

EOW मंदसौर-उज्जैन को 3 सितंबर 2025 को मृत व्यक्तियों के नाम पर बीमा पॉलिसियां जारी किए जाने की शिकायत मिली थी। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पहले से गंभीर रूप से बीमार या मृत लोगों के नाम पर बीमा पॉलिसियां जारी करवाईं। इसके बाद फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कर बीमा क्लेम लगाया गया। कुछ मामलों में तो मृत व्यक्तियों को जीवित दिखाकर ही पॉलिसी ली गई।

पूरे मामले में सरपंच, सचिव और सहायक सचिव की भूमिका सामने आई, जिन्होंने फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर ‘मौत’ दर्शाई और झूठे दस्तावेजों के आधार पर बीमा कंपनी में क्लेम प्रस्तुत किए। जांच के दौरान कुल 27 पॉलिसियों में गड़बड़ी मिली, जिनमें से 19 मामलों में बीमारी छुपाकर पॉलिसी ली गई, जबकि 8 मामलों में मृत व्यक्तियों के नाम पर पॉलिसी जारी कर क्लेम करने की कोशिश की गई।

सरपंच-सचिव और इंश्योरेंस एजेंट की मिलीभगत

मामले की जांच के बाद EOW ने ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी से जुड़े एजेंट मेघा डोंगांरवर, ऋषि पाल, झोपर इंश्योरेंस ब्रोकर्स प्रा.लि., जशोदाबेन शर्मा, महेशचंद्र, मुकेश साधवानी, सुनीता, जितेंद्र खिंची, महेंद्र परिहार, अंजली जैन, प्रहलाद चौहान, मेघा कोठारी, रवि राठौर और प्रहलाद पाटीदार को आरोपी बनाया है।

इसके साथ ही महिदपुर के ग्राम आलाखेड़ा के सरपंच जसवंत सिंह, सचिव राजकुमार देवड़ा, सहायक सचिव राधेश्याम गुर्जर, ग्राम पंचायत पालखंदा के सचिव मेम्बर चौधरी और ग्राम पंचायत धुरेरी के सचिव लाखन सिंह चौहान को भी इस घोटाले में शामिल पाया गया है और सभी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

21 नॉमिनी के खिलाफ भी मामला दर्ज

मामले में EOW ने पॉलिसी धारकों के 21 नॉमिनी को भी आरोपी बनाया है। इनमें रामकन्या नवरंग, सरे कुंवर, गोकुल सिंह, अनिल, रेखा बाई, मुकेश सिंह चौहान, राधा मालवीय, गोपाल, प्रभा पाटीदार, अनिल भाटी, दिलीप गावरिया, विनोद, कैलाश हिरवे, शीतल, श्यामदास बैरागी, मुन्नी यादव, सुरेश जुझारे, मंजुदेवी राव, राधा देवी, सरफराज अहमद, सुधीर राठौर और ज्योति बाई शामिल हैं।

सभी आरोपियों के खिलाफ धारा 417, 420/511, 467, 468, 471, 120बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

इस कार्रवाई में EOW की इंस्पेक्टर रीमा यादव, एएसआई अशोक राव, प्रधान आरक्षक विशाल बादल, मोहन पाल, लोकेन्द्र देवड़ा और आरक्षक राकेश जटिया की अहम भूमिका रही।



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