मोतिहारी में हुए जहरीली शराब कांड में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। इस मामले के मुख्य आरोपी माने जा रहे सुनील साह और कन्हैया यादव ने आखिरकार पुलिस दबाव के आगे झुकते हुए कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया है। दोनों आरोपियों के सरेंडर के बाद अब पुलिस को इस पूरे अवैध नेटवर्क का पर्दाफाश करने में बड़ी सफलता मिलने की उम्मीद है। आत्मसमर्पण की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई। सदर डीएसपी वन दिलीप कुमार ने तुरंत दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। सूत्रों के मुताबिक, दोनों से अलग-अलग और आमने-सामने बैठाकर गहन पूछताछ की जा रही है, ताकि इस कांड से जुड़े हर पहलू की सच्चाई सामने लाई जा सके। जांच में पहले ही यह स्पष्ट हो चुका था कि जहरीली शराब की खेप मंगाने में सुनील साह और कन्हैया यादव की अहम भूमिका थी। पुलिस को शुरुआती जांच में मिले सुरागों के आधार पर दोनों की तलाश थी, लेकिन लगातार दबिश और गिरफ्तारी के डर से बचने के लिए अंततः दोनों ने कोर्ट में सरेंडर करना ही बेहतर समझा। अब पुलिस का फोकस इस बात पर है कि आखिर जहरीली शराब कहां से मंगाई गई थी। पूछताछ में यह जानने की कोशिश की जा रही है कि इसके सप्लायर कौन थे, किस रास्ते से शराब की खेप लाई गई और किन-किन लोगों ने इस पूरे अवैध कारोबार में भूमिका निभाई। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि क्या इस नेटवर्क के तार जिले से बाहर या दूसरे राज्यों तक जुड़े हुए हैं। अधिकारियों का मानना है कि इन दोनों आरोपियों से मिली जानकारी इस केस में गेम चेंजर साबित हो सकती है। अब तक जो जानकारी सामने आई है, उससे यह संकेत मिल रहे हैं कि यह कोई छोटा-मोटा मामला नहीं, बल्कि एक संगठित गिरोह का हिस्सा है, जो लंबे समय से अवैध शराब के कारोबार में सक्रिय रहा है। पुलिस इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर विशेष टीम गठित कर दी गई है, जो इस नेटवर्क की हर कड़ी को जोड़ने में जुटी है। तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल्स और स्थानीय इनपुट के आधार पर पूरे गिरोह की पहचान की जा रही है। इस बीच, जहरीली शराब कांड को लेकर स्थानीय लोगों में भी आक्रोश बना हुआ है। लोगों की मांग है कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। प्रशासन भी इस मामले में कोई कोताही नहीं बरतने की बात कह रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस कांड से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी संभव है। पूछताछ में जो भी नाम सामने आएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, अवैध शराब के इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा। फिलहाल, सुनील साह और कन्हैया यादव से लगातार पूछताछ जारी है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस केस में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं, जिससे न केवल इस कांड की पूरी सच्चाई सामने आएगी, बल्कि अवैध शराब के कारोबार पर भी बड़ी चोट पहुंचेगी।
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