रीवा जिले में गुरुवार को 200 से अधिक शिक्षकों ने अध्यापक संवर्ग के बैनर तले कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर TET परीक्षा को लेकर जारी आदेश के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए TET आदेश को तत्काल निरस्त करने, सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करने और पहली नियुक्ति तिथि से पेंशन, ग्रेच्युटी व अवकाश नगदीकरण का लाभ देने की मांग की है। वर्तमान में प्रशासन ने ज्ञापन लेकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है, वहीं शिक्षकों ने मांगें पूरी न होने पर प्रदेश स्तर पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करने की मांग प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने बताया कि TET परीक्षा से जुड़ा हालिया आदेश उनके हितों के विपरीत है, जिससे बड़ी संख्या में शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं। इस आदेश को वापस लेना सरकार की जिम्मेदारी है। शिक्षकों ने मांग उठाई कि इस पूरे मामले में सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की जाए, ताकि अध्यापक संवर्ग के हितों की रक्षा सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों ने पेंशन, ग्रेच्युटी और अवकाश नगदीकरण जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए इन सभी लाभों में सेवा की गणना पहली नियुक्ति तिथि से किए जाने की मांग की है। संघ पदाधिकारी बोले- सरकार ने समाधान नहीं निकाला तो करेंगे बड़ा आंदोलन इस पूरे मामले में संयुक्त मोर्चा शिक्षक संघ के पदाधिकारी शिवानंद तिवारी ने कहा कि, “TET से जुड़ा आदेश पूरी तरह से शिक्षकों के हितों के खिलाफ है। सरकार को जमीनी हकीकत समझते हुए इसे तत्काल वापस लेना चाहिए। लंबे समय से अध्यापक संवर्ग अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। अगर सरकार ने जल्द समाधान नहीं निकाला, तो प्रदेश स्तर पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।”
Source link