Maihar Private Tubewell Mining Banned Till June 30, 2026


मैहर जिले को ‘जल अभावग्रस्त क्षेत्र’ घोषित कर दिया गया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी बिदिशा मुखर्जी ने कम वर्षा और भू-जल स्तर में तेजी से गिरावट के मद्देनजर यह आदेश जारी किया है। यह प्रतिबंध 21 अप्रैल से 30 जून तक प्रभावी रहेगा।

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जारी आदेश के तहत जिले के सभी विकासखंडों और नगरीय क्षेत्रों में पेयजल संकट की आशंका को देखते हुए कड़े प्रतिबंध लागू किए गए हैं। अब बिना अनुमति किसी भी नए निजी नलकूप का खनन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। निजी भूमि पर नलकूप खनन के लिए संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने कम वर्षा और भू-जल स्तर में तेजी से गिरावट से आदेश जारी किया।

कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने कम वर्षा और भू-जल स्तर में तेजी से गिरावट से आदेश जारी किया।

आदेश के उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

इसके अलावा, सभी नदी, नाले, स्टॉपडैम, सार्वजनिक कुएं और अन्य जल स्रोतों को केवल पेयजल और घरेलू उपयोग के लिए सुरक्षित किया गया है। इन स्रोतों के जल का किसी अन्य प्रयोजन के लिए उपयोग प्रतिबंधित रहेगा।

सार्वजनिक पेयजल स्रोत सूखने की स्थिति में, आवश्यकता पड़ने पर निजी जल स्रोतों का अधिग्रहण भी किया जा सकेगा। इसका उद्देश्य आम जनता को पेयजल उपलब्ध कराना है। आदेश का उल्लंघन करने पर मध्य प्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के तहत दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी।

इस आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सभी अनुविभागीय दण्डाधिकारियों, तहसीलदारों, पुलिस अधिकारियों, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, नगरीय निकायों और पंचायतों के अधिकारियों को सौंपी गई है।



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