मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन ने ‘जनगणना 2027’ की तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन की अध्यक्षता में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में 17 अप्रैल से 1 मई तक ऑनलाइन स्व-गणना अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। इसके बाद 2 मई से 31 मई तक मकान सूचीकरण
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कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित इस बैठक में जिलाधिकारी ने डिजिटल भागीदारी पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि स्व-गणना से समय की बचत होगी और डेटा की शुद्धता भी सुनिश्चित की जा सकेगी। नागरिकों को पोर्टल se.census.gov.in के माध्यम से स्वयं अपने विवरण दर्ज करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। आईटी मैनेजर ने लाइव डेमोंसट्रेशन के जरिए पोर्टल के संचालन की तकनीकी जानकारी दी।
मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी दर्ज करनी होगी
पंजीकरण के लिए परिवार के मुखिया को अपना नाम, 10 अंकों का मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी दर्ज करनी होगी। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि एक मोबाइल नंबर से केवल एक ही परिवार का पंजीकरण संभव होगा और एक बार सबमिशन होने के बाद जानकारी में बदलाव नहीं किया जा सकेगा। नागरिकों को पोर्टल पर उपलब्ध मानचित्र का उपयोग कर अपने घर की जियो-टैगिंग भी करनी होगी।
स्व-गणना के दौरान नागरिकों को सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति से जुड़े कुल 34 प्रश्नों के उत्तर देने होंगे। जिलाधिकारी ने सभी नागरिकों से सटीक जानकारी प्रदान करने की अपील की है, क्योंकि इसी डेटा के आधार पर भविष्य की सरकारी योजनाएं तैयार की जाएंगी। सफल सबमिशन के बाद प्रत्येक परिवार को 11 अंकों की स्व-गणना पहचान संख्या (SE ID) प्राप्त होगी, जिसका सत्यापन बाद में क्षेत्रीय प्रगणकों की ओर से किया जाएगा।
डिजिटल साक्षरता की कमी वाले क्षेत्रों के लिए जिलाधिकारी ने विशेष कैंप लगाने के निर्देश दिए हैं। इसके अतिरिक्त, प्रचार-प्रसार वाहनों, सोशल मीडिया, विद्यालयों और आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से एक व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा ताकि कोई भी नागरिक इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया से वंचित न रहे।
मुसहरी सीओ का वेतन स्थगित
बैठक के दौरान अनुशासन और कर्तव्य के प्रति जिलाधिकारी का कड़ा रुख भी देखने को मिला। महत्वपूर्ण बैठक से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने और विभागीय कार्यों में निराशाजनक प्रदर्शन के कारण मुसहरी के अंचलाधिकारी (CO) पर गाज गिरी है।
जिलाधिकारी ने उनका वेतन तत्काल प्रभाव से स्थगित करने, एक दिन के वेतन की कटौती करने और उनके विरुद्ध प्रपत्र ‘क’ गठित कर विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को भेज दी है। जिलाधिकारी ने जिलेवासियों से आह्वान किया कि जनगणना केवल एक सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का कर्तव्य है। उन्होंने सभी से सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है।