SI की हत्या मामला,तीन आरोपियों को 5 साल की सजा:बेगूसराय में शराब तस्करों ने गाड़ी से कुचला था, 10 हजार का लगा जुर्माना




बेगूसराय में शराब तस्करों ने दरोगा को गाड़ी से कुचल दिया था। ड्यूटी पर जान गंवाने वाले दारोगा खामस चौधरी के हत्यारों को आज सजा मिल गई है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश (नवम) गौरव आनंद की अदालत ने नावकोठी थाना कांड संख्या-185/23 के तीन मुख्य आरोपियों को 5 साल की सजा दी है। अदालत ने नीमा चांदपुरा थाना क्षेत्र के अझौर गांव के रहने वाले आरोपी रितेश कुमार, परना के रहने वाले मनीष कुमार और चांदपुरा के रहने वाले कृष्ण कुमार को पुलिस अधिकारी की हत्या और सरकारी काम में बाधा डालने का दोषी पाया था। इसके बाद आज सभी को सजा सुनाई गई है। अपर लोक अभियोजक (APP) विपिन राय ने बताया कि तीनों आरोपियों को धारा- 304 पार्ट 2 में 5-5 साल की सजा और 10-10 हजार जुर्माना किया गया है। जुर्माना नहीं देने पर एक महीना अतिरिक्त जेल में रहना होगा। एक साथ चलेगी 3 सजा धारा- 353 में दो-दो साल का सश्रम कारावास और 5-5 हजार जुर्माना किया गया है, जुर्माना नहीं देने पर 2 महीना अतिरिक्त जेल में रहना होगा‌। धारा-323 में 6 महीने का सश्रम कारावास और 5-5 सौ जुर्माना किया गया है, जुर्माना नहीं देने पर 7 दिन अतिरिक्त जेल में रहना होगा। तीनों सजा एक साथ चलेगी। पूरी घटना 19-20 दिसंबर 2023 की रात की है। नावकोठी पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि शराब की एक खेप इलाके से गुजरने वाली है। सूचना पर कार्रवाई करते हुए नावकोठी थाना के तत्कालीन पुलिस अवर निरीक्षक (SI) खामस चौधरी तीन होमगार्ड जवानों के साथ छतौना बूढ़ी गंडक पुल पर घेराबंदी कर गाड़ी की चेकिंग कर रहे थे। तस्करों ने दरोगा को मारी थी टक्कर रात के करीब 12 बज रहे थे, तभी एक तेज रफ्तार कार आती दिखाई दी। पुलिस टीम ने टॉर्च की रोशनी दिखाकर गाड़ी को रुकने का इशारा किया। लेकिन तस्करों ने गाड़ी धीमी करने के बजाय उसकी रफ्तार और बढ़ा दी और सीधे दारोगा खामस चौधरी को टक्कर मार दी। इसके बाद कार सवार मौके पर से भाग गए। टक्कर इतनी भयानक थी कि दारोगा खामस चौधरी करीब 5 फीट हवा में उछले और पुल के नीचे जा गिरे। करीब 40 फीट नीचे बोल्डर से सिर टकराने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसमें एक होमगार्ड जवान बालेश्वर यादव भी गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। घटना के बाद कार लेकर फरार आरोपियों को पुलिस ने वैज्ञानिक सबूतों के आधार पर दबोचा। थाना प्रभारी के बयान पर दर्ज हुआ था एफआईआर इस मामले की प्राथमिकी नावकोठी थाना प्रभारी परशुराम सिंह के बयान पर दर्ज की गई थी। ट्रायल के दौरान अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक विपिन राय ने मजबूती से पक्ष रखा और कुल 9 गवाहों के बयान दर्ज कराए। गवाहों की पुष्टि और सबूतों के आधार पर अदालत ने तीनों आरोपियों को अलग-अलग धाराओं के तहत दोषी ठहराया। तीनों आरोपियों को धारा- 304 (2) में गैर इरादतन हत्या, धारा- 353 में सरकारी कर्मचारी को कर्तव्य पालन से रोकने के लिए हमला और धारा- 323 के तहत स्वेच्छा से चोट पहुंचाने में दोषी पाया गया। शहीद दारोगा खामस चौधरी मधुबनी के रहने वाले थे और अपनी कर्तव्यनिष्ठा के लिए जाने जाते थे।



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