'नर्सिंग छात्राएं कोर्स की ड्यूरेशन में नहीं कर सकतीं विवाह':GNM स्कूल में छात्राओं पर प्रतिबंध,नोटिस वायरल; DM ने दिए जांच के आदेश




गोपालगंज के हथुआ स्थित सरकारी जीएनएम ट्रेनिंग स्कूल की प्राचार्या ने छात्राओं के लिए एक नया निर्देश जारी किया है। इस निर्देश के अनुसार, शैक्षणिक सत्र के दौरान छात्राओं के विवाह करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। हथुआ अनुमंडलीय जीएनएम स्कूल की प्राचार्या द्वारा जारी लिखित दिशा-निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि नर्सिंग का प्रशिक्षण ले रही छात्राएं तीन साल के कोर्स की अवधि में विवाह नहीं कर सकतीं। शादी करने वाली छात्राओं को प्रशिक्षण छोड़ना होगा प्राचार्या के आदेश में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि कोई छात्रा शैक्षणिक सत्र के दौरान विवाह करती है, तो उसका नामांकन तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया जाएगा। ऐसी छात्राओं को प्रशिक्षण बीच में ही छोड़ना होगा और उन्हें संस्थान से निष्कासित कर दिया जाएगा। जारी किए गए नोटिस में लिखा है, “सभी छात्राओं को सूचित किया जाता है कि शैक्षणिक सत्र के दौरान विवाह करना प्रतिबंधित है। यदि कोई छात्रा इस अवधि में शादी करती है तो इसकी सूचना विभाग को दे दी जाएगी, एवं उसका नामांकन तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया जाएगा, जिसके जिम्मेदार आप स्वयं होंगे।” विवाह के बाद छात्राओं की पढ़ाई होती है प्रभावित संस्थान प्रबंधन ने इस नियम के पीछे तर्क दिया है कि विवाह के बाद छात्राओं की पढ़ाई और प्रशिक्षण प्रभावित होता है। उनके अनुसार, नर्सिंग एक गंभीर पेशा है जिसके लिए पूर्ण समर्पण और नियमित उपस्थिति आवश्यक है। प्रबंधन का मानना है कि पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण छात्राएं अपने नैदानिक कर्तव्यों के साथ न्याय नहीं कर पातीं। किसी को आहत करने का मनसा नहीं-प्राचार्या यह मामला सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। नोटिस वायरल होने के बाद गोपालगंज के जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। प्राचार्या मानसी सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि मेरा कुछ ऐसा नियम नहीं है कि बच्चों को शादी से रोकना है या किसी को आहत करने का मनसा नहीं है। कई बच्चों का कहना है कि उनकी शादी की बात चल रही है। शादी के बाद हंड्रेड परसेंट उपस्थिति नहीं हो पाती और एक बार जब शादी हो जाएगी तो फिर हमारा जो प्रोटोकॉल है हंड्रेड परसेंट उपस्थिति की वह पूरा नहीं हो पाता, इसके बावजूद गार्जियन का प्रेशर आता है और एग्जाम में बैठने के लिए दबाव दिया जाता है और सत्र में रहने रहने के लिए कहा जाता है जो हमारे बस में नहीं हो पाता इसलिए हमने बच्चों को डराने के लिए एक लेटर इशू कर दिया है, ताकि बच्चे डरे और पूरी 85 प्रतिशत अटेंडेंस के साथ अपने सत्र को पूरा करें और अपनी पढ़ाई पूरी कर सके। अटेंडेंस को सही करने के लिए ही ऐसा पत्र जारी किया गया है क्योंकि बच्चे बहुत ज्यादा एबसेंट रहते इसलिए ज्यादा से ज्यादा अटेंडेंस दे सके इसलिए मुझे इस तरह का पत्र जारी करना पड़ा। एसडीएम की जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई
इस संदर्भ डीएम पवन कुमार सिन्हा ने कहा कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए वायरल नोटिस की जांच कराने के लिए हथुआ एसडीएम को निर्देश दिया गया है।जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने कहा है कि 24 घंटे में मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।



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