संभल के चंदौसी में भारतरत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा बिना अनुमति स्थापित करने के मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस ने इस संबंध में जांच शुरू कर दी है। यह घटना डॉ. अंबेडकर जयंती से दो दिन पहले 12 अप्रैल की शाम की है। उनके अनुयायियों ने गांव डारनी में प्रतिमा स्थापित की थी। सूचना मिलने पर पुलिस-प्रशासन गांव पहुंचा, जहां महिलाओं ने पुलिस से नोकझोंक की और कुछ ने चप्पल दिखाकर धमकी भी दी। अनुयायियों ने प्रतिमा को चारों ओर से घेर लिया था। ग्रामीणों से बातचीत के बाद प्रशासन ने प्रतिमा को तिरपाल से ढकवा दिया और उसका अनावरण नहीं होने दिया। यह पूरा घटनाक्रम संभल जिले की चंदौसी तहसील के कुढ़ फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के डारनी गांव का है। थाना प्रभारी लोकेंद्र सिंह ने रविवार को बताया कि बिना अनुमति प्रतिमा लगाने के मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस उन लोगों की पहचान कर रही है जो इसमें शामिल थे, और नाम सामने आने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 12 अप्रैल की शाम 6 बजे, गांव में समिति के नाम दर्ज 300 वर्गमीटर भूमि पर प्लेटफॉर्म बनाकर प्रतिमा स्थापित की गई थी। सूचना मिलते ही एसडीएम चंदौसी आशुतोष तिवारी, सीओ दीपक तिवारी, तहसीलदार रवि सोनकर और इंस्पेक्टर लोकेंद्र त्यागी मौके पर पहुंचे थे। ग्रामीणों ने प्रतिमा हटाने की कार्रवाई का विरोध किया, जिसके बाद पुलिस-प्रशासन को फिलहाल पीछे हटना पड़ा। प्रतिमा के लिए स्ट्रक्चर डेढ़ साल से तैयार किया जा रहा था।
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