अमृतसर में गंदगी पर विधायक जीवन ज्योत कौर की अपील:बोलीं- स्वच्छता सभी लोगों की जिम्मेदारी, कूड़े के ढेर से शहर की छवि प्रभावित




अमृतसर की हल्का पूर्वी से विधायक जीवन ज्योत कौर ने शहर की स्वच्छता को लेकर सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से अपील की है। उन्होंने कहा कि अमृतसर एक प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थल है, जहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु श्री हरमंदिर साहिब (गोल्डन टेंपल), दुर्गियाना मंदिर और राम तीर्थ मंदिर के दर्शन करने आते हैं। ऐसे में शहर की साफ-सफाई बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। विधायक ने कहा कि श्रद्धालु धार्मिक स्थलों से दर्शन कर जब लौटते हैं, तो उन्हें शहर के कई हिस्सों में कूड़े के ढेर दिखाई देते हैं, जिससे शहर की छवि खराब होती है। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर श्रद्धालु धार्मिक स्थलों पर सुकून और शांति का अनुभव करते हैं, वहीं बाहर गंदगी देखकर उन्हें निराशा होती है। यह स्थिति न केवल स्थानीय लोगों के लिए बल्कि बाहरी पर्यटकों के लिए भी चिंता का विषय है। विधायक बोली- स्वच्छता केवल सरकार जिम्मेदारी नहीं जीवन ज्योत कौर ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि स्वच्छता केवल सरकार या नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर व्यक्ति को इसमें अपनी भागीदारी निभानी चाहिए। उन्होंने लोगों से सार्वजनिक स्थानों, सड़कों और बाजारों में कचरा न फेंकने और कूड़ेदान का उपयोग करने की अपील की। उन्होंने खासतौर पर दुकानदारों का जिक्र करते हुए कहा कि कई लोग अपनी दुकानों का कचरा डिवाइडर या सड़क किनारे फेंक देते हैं, जो गलत है। अमृतसर में कूड़ा प्रबंधन को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठ चुके हैं। वर्ष 2017-18 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने पंजाब सरकार और नगर निगम को कचरा निपटान में लापरवाही पर फटकार लगाई थी। हाईकोर्ट में दायर की गई थी याचिका इसके बाद 2019 में स्वच्छ सर्वेक्षण में शहर की रैंकिंग गिरने से भी मुद्दा चर्चा में आया। 2020 में कोविड-19 के दौरान कचरा प्रबंधन प्रभावित हुआ, जबकि 2022 में भगतांवाला डंपिंग ग्राउंड को लेकर लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। 2023 में इस मुद्दे को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई, जिसके बाद सरकार से जवाब मांगा गया। 2024-25 में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत फंड मिलने के बावजूद सफाई व्यवस्था पर सवाल बने रहे।वर्तमान में 2025-26 के दौरान नगर निगम ने डोर-टू-डोर कलेक्शन, नई गाड़ियों और क्यूआर ट्रैकिंग जैसे सिस्टम लागू किए हैं, जिससे कुछ सुधार जरूर हुआ है। हालांकि, कई क्षेत्रों में अभी भी कचरा उठाने में देरी और खुले में कूड़ा फेंकने की समस्या बनी हुई है। विधायक ने उम्मीद जताई कि यदि सभी नागरिक मिलकर प्रयास करें, तो अमृतसर को स्वच्छ और सुंदर शहर बनाया जा सकता है।



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