प्रतापगढ़ के अरनोद उपखंड क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध गोतमेश्वर मेले की तैयारियों का अधिकारियों ने जायजा लिया। ये मेला 27 अप्रैल से 4 मई तक होगा, जिसे आदिवासियों का हरिद्वार भी कहा जाता है। एडीएम, एएसपी, एसडीएम, तहसीलदार, अरनोद थाना अधिकारी सहित लालगढ़ सरपंच उदय लाल मीणा ने गोतमेश्वर धाम का निरीक्षण किया। उन्होंने मेले की व्यवस्थाओं, ट्रैफिक प्रबंधन और सीसीटीवी कैमरों सहित विभिन्न तैयारियों का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। गोतमेश्वर धाम में ये मेला पिछले 100 सालों से आयोजित हो रहा है। पंचायत ने मेले की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। सरपंच उदय लाल मीणा ने बताया कि मेले में भजन संध्या और ऑर्केस्ट्रा जैसे विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस धाम की एक अनोखी मान्यता है कि वैशाख पूर्णिमा के दिन कुंड में स्नान करने से व्यक्ति पापों से मुक्त हो जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, गौतम मुनि ने भी इसी कुंड में स्नान कर पापों से मुक्ति पाई थी। आज भी लोग इस कुंड में स्नान कर प्रमाण पत्र प्राप्त करते हैं। सात दिवसीय इस मेले में रोजाना लाखों की संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग के दर्शन और मेले का आनंद लेने पहुंचते हैं। पंचायत द्वारा श्रद्धालुओं के लिए छाया और पानी की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक न हो, इसके लिए पुलिस भी पूरी तरह से मुस्तैद है।
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