अररिया में अल्पसंख्यक छात्रों के लिए 100 बेड का हॉस्टल:निर्माण का काम अंतिम चरण में, अप्रैल 2026 तक बनकर होगा तैयार




अररिया जिला मुख्यालय के समीप बेलवा में अल्पसंख्यक बालकों के लिए 100 शैय्या वाले छात्रावास का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। बिहार राज्य भवन निर्माण निगम, पटना द्वारा कराए जा रहे इस भवन के अप्रैल 2026 के अंत तक पूर्ण रूप से तैयार होने की उम्मीद है। यह छात्रावास अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के तहत बनाया जा रहा है। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, अररिया के सहायक निदेशक सुबोध कुमार ने निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि भवन निर्माण पूरा होने और विभाग को हस्तांतरित होने के बाद, आवास के लिए अर्हता प्राप्त अल्पसंख्यक बालकों से आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। यह पहल अल्पसंख्यक समुदाय के मेधावी छात्रों को सुरक्षित, सस्ता और सुविधाजनक आवास उपलब्ध कराने की दिशा में बिहार सरकार का एक महत्वपूर्ण कदम है। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी, जिसे e-कल्याण पोर्टल (ekalyan.bihar.gov.in) के माध्यम से संचालित किया जाएगा। किराए के मकान में रहने वाले बच्चों को मिलेगी प्राथमिकता विशेष प्राथमिकता उन छात्रों को दी जाएगी जो तकनीकी शिक्षा (पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग आदि) प्राप्त कर रहे हैं और वर्तमान में किराए के मकान या अन्य असुविधाजनक जगहों पर रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, माध्यमिक, उच्च माध्यमिक तथा महाविद्यालय स्तर पर अध्ययनरत अल्पसंख्यक बालकों के लिए भी समान रूप से आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। बेलवा में स्थित यह 100 बेड का छात्रावास छात्रों को बेहतर पढ़ाई का माहौल प्रदान करेगा। यह बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं से लैस होगा। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अधिकारियों के अनुसार, छात्रावास के संचालन के बाद नियमित निरीक्षण और रखरखाव की व्यवस्था भी की जाएगी ताकि छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। छात्रावास को लेकर अभिभावकों में उत्साह e-कल्याण पोर्टल पर आवेदन के दौरान छात्रों को अपनी शैक्षणिक योग्यता, अल्पसंख्यक प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे। चयन प्रक्रिया पारदर्शी और पूरी तरह से मेरिट के आधार पर होगी। स्थानीय अल्पसंख्यक समुदाय के अभिभावकों और छात्रों में इस छात्रावास को लेकर काफी उत्साह है। कई छात्रों ने बताया कि जिले में उच्च शिक्षा और तकनीकी पढ़ाई के लिए अच्छे आवास की कमी के कारण उन्हें पहले काफी दिक्कतें उठानी पड़ती थीं। इस नए छात्रावास से उनकी पढ़ाई पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और वे बिना किसी चिंता के अपनी शिक्षा पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *