अररिया जिला पदाधिकारी विनोद दूहन के निर्देश पर जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में एक व्यापक जांच अभियान शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक मजबूत, प्रभावी और जवाबदेह बनाना है। जिलाधिकारी ने सभी प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों को अपने-अपने आवंटित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों का तत्काल निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। निरीक्षण के दौरान चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति, ड्यूटी रोस्टर का अनुपालन, दवाओं की उपलब्धता तथा जांच उपकरणों की कार्यशीलता का गहन मूल्यांकन किया जा रहा है। परिसर की साफ-सफाई की भी जांच की जा रही
इसके अतिरिक्त, पेयजल व्यवस्था, मरीजों के लिए प्रतीक्षा कक्ष, बिस्तर, शौचालय जैसी आधारभूत सुविधाओं और अस्पताल परिसर की साफ-सफाई की भी जांच की जा रही है। एक्स-रे टेक्नीशियन, लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट और अन्य कर्मचारियों की उपस्थिति एवं कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा भी अभियान का हिस्सा है। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, जिले के कई स्वास्थ्य संस्थानों में सुविधाएं संतोषजनक पाई गई हैं। हालांकि, कुछ केंद्रों में दवाओं की कमी, उपकरणों की खराब स्थिति, स्टाफ की अनुपस्थिति और साफ-सफाई जैसे मुद्दों पर कमियां सामने आई हैं। अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी
जिलाधिकारी विनोद दूहन ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं आम नागरिकों का मौलिक अधिकार हैं। उन्होंने जोर दिया कि जिले के हर स्वास्थ्य केंद्र पर गुणवत्तापूर्ण इलाज, पर्याप्त दवाएं और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए। जांच अभियान के आधार पर पाई गई कमियों को तत्काल दूर किया जाएगा और दोषी पाए गए अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा है कि नियमित निरीक्षण से डॉक्टरों और स्टाफ की लापरवाही पर अंकुश लगेगा तथा मरीजों को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को चेतावनी दी है कि रिपोर्ट में छुपाई गई कोई भी कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आगामी दिनों में इन कमियों को दूर करने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
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