मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व (PTR) में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। गंगऊ अभ्यारण्य के कटरिया बीट में एक वयस्क नर बाघ का कंकाल मिला है। अनुमान है कि बाघ की मौत लगभग 20 से 25 दिन पहले हुई थी, लेकिन पार्क प्रबंधन को इसकी जानकारी नहीं थी। यह घटना गंगऊ अभ्यारण्य के कटरिया बीट, वन कक्ष क्रमांक P-278 की है। मृत बाघ की उम्र लगभग 5-6 वर्ष बताई जा रही है। शव पूरी तरह से सड़ चुका था और केवल कंकाल ही शेष बचा था। बाघ का शव मनौर-मझगवां (हिनौता) मुख्य मार्ग से मात्र 100 मीटर की दूरी पर पाया गया। पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन वन्यजीवों की सुरक्षा और सघन निगरानी के दावे करता रहा है। हालांकि, इस घटना ने इन दावों पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। जिस मार्ग के पास यह शव मिला, वहां से अधिकारियों और बीट गार्डों का प्रतिदिन कई बार आवागमन होता है। भीषण गर्मी में इतने दिनों तक शव सड़ता रहा, लेकिन किसी को उसकी दुर्गंध महसूस नहीं हुई। ‘हाई-टेक’ सिस्टम फेल, ग्रामीण ने दी सूचना पार्क की ‘हाई-टेक’ निगरानी प्रणाली इस मामले में विफल रही। घटना की जानकारी तब मिली जब महुआ बीनने गए एक ग्रामीण ने वन अमले को शव के बारे में सूचित किया। बाघ का शव इतनी बुरी हालत में मिलना उसकी मौत को संदिग्ध बनाता है। यह शिकार का मामला है या बाघों के आपसी संघर्ष का, इसका पता लगाना अब एक चुनौती है। 25 दिन पुराना है शव क्षेत्र संचालक बृजेंद्र श्रीवास्तव ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि शव 20 से 25 दिन पुराना है। पीटीआर के डॉक्टर ने मौके का मुआयना किया है। एसटीएफ की टीम भी मौके पर पहुंचकर मामले की जांच करेगी। सभी पहलुओं की जांच के बाद ही बाघ की मौत का कारण स्पष्ट हो पाएगा। घटना की सूचना मिलते ही गंगऊ अभ्यारण्य के रेंजर सागर शुक्ला वन अमले के साथ मौके पर पहुंचे।
Source link