पठानकोट में आर्मी की खड़ी गाड़ी से टकराकर घायल हुए बाइक सवार ने दम तोड़ दिया। मृतक युवक की पहचान गांव इस्लामपुर निवासी 22 वर्षीय ध्रुव के तौर पर हुई है। ध्रुव सीसीटीवी इंस्टालेशन का काम करता था और हादसे के वक्त शहर से वापस घर जा रहा था। वहीं, सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाने पहुंचे मृतक के परिवार व दोस्तों ने पुलिस, प्रशासन और आर्मी के ड्राइवर के खिलाफ रोष व्यक्त किया। परिवार ने आरोप लगाया कि पुलिस उनकी कोई सुनवाई नहीं कर रहा। पुलिस ने एफआईआर कर खानापूर्ति की है। दोस्तों ने बताया कि ध्रुव का परिवार आर्थिक तौर कर कमजोर है और ध्रुव के इलाज में बहुत खर्च हो गया। सरकार परिवार को आर्थिक मदद भी दे। वहीं, पुलिस ने आर्मी ड्राइवर पर विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। ड्राइवर पुलिस गिरफ्त से अभी बाहर है। 12 अप्रैल की देर रात हुआ हादसा
बता दें, ये हादसा 12 अप्रैल की देर रात हुआ। पठानकोट के भरोली मोड़ पर आर्मी की खड़ी गाड़ी से बाइक सवार ध्रुव टकरा गया। हादसा इतना गंभीर था कि युवक चंद पलों में वह लहूलुहान हो गया, जिसे इलाज के लिए सिविल अस्पताल ले जाया गया। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे अमृतसर रेफर कर दिया। लेकिन, परिवार उसे निजी अस्पताल ले गया। बुधवार सुबह ली आखिरी सांस
परिवार की ओर से ध्रुव को डल्हौजी रोड स्थित अमनदीप अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। लेकिन, जहां उसकी हालत में सुधार ना होता देख उसे मंगलवार देर शाम ऐस अस्पताल में रैफर किया गया। लेकिन, बुधवार की सुबह ध्रुव की अचानक हालत और खराब हो गई और 5 बजे उसकी मौत हो गई। दोस्तों ने आर्मी ड्राइवर पर लगाए गंभीर आरोप
ध्रुव के मामा सुनील ने बताया कि जिस जगह पर हादसा हुआ वहां स्ट्रीट लाइट नहीं थी। मौसम खराब था। तेज बारिश थी। ऐसे मौसम में आर्मी की गाड़ी सड़क पर ही खड़ी थी। ध्रुव गाड़ी से टकरा गया। लेकिन, आर्मी जवानों ने खून से लथपथ ध्रुव को सड़क से उठाकर किनारे कर दिया। लेकिन, अस्पताल नहीं पहुंचाया। राहगीर ने उसे अस्पताल पहुंचाया। लेकिन, ध्रुव बच नहीं सका। समय पर नहीं मिला इलाज
ध्रुव के दोस्त कृष्ण कुमार, रवीश महाजन, गोवर्धन भार्गव ने कहा कि हादसे के बाद आर्मी के कई अधिकारी वहां पहुंचे पर किसी ने उसे ईलाज नहीं दिलवाया। उन्होंने कहा कि वे सभी आर्मी की बहुत इज्जत करते हैं।
लेकिन, इस मामले में कई अधिकारियों ने इंसानियत नहीं दिखाई। ध्रुव को समय पर ईलाज नहीं मिला। जिसके चलते उसकी मौत हुई है। अब पुलिस इस मामले में आरोपी ड्राइवर को जल्द से जल्द गिरफ्तार करे और परिवार की आर्थिक मदद करे।
बिना इंडिकेटर सड़क पर खड़ी थी गाड़ी
ध्रुव के भाई चेतन मेहरा ने बताया कि रविवार रात उसका भाई अपनी बाइक (नंबर PB-35-AE-5430) पर पठानकोट आया था। वह भी अपने किसी काम से पठानकोट में था और अपनी बाइक (नंबर PB-35-S-5781) से वापस गांव जा रहा था।
चेतन ने बताया कि शाम 7 बजे के करीब जैसे ही ध्रुव भड़ोली मोड़ आर्मी गेट न. 2 के सामने पहुंचा तो वहां खड़ी आर्मी की गाड़ी (नंबर 09-D-811364E, टाटा 10 टन) से टकरा गया। रिफ्लेक्टर न होने से हुआ हादसा
चेतन ने बताया कि आर्मी गाड़ी के ड्राइवर ने न तो गाड़ी की पार्किंग लाइटें जलाई थीं और न ही सड़क पर रिफ्लेक्टर लगाया था। इस लापरवाही के कारण, उसके भाई ध्रुव की मोटरसाइकिल आर्मी गाड़ी के पीछे जा टकराई।
टक्कर के कारण वह सड़क किनारे गिर गया और उसकी मोटरसाइकिल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे ध्रुव को काफी गंभीर चोटें आईं। चेतन ने बताया कि पुलिस को मामले की शिकायत दी गई।
पुलिस ने दर्ज किया मामला चेतन की शिकायत पर थाना एक पुलिस ने गाड़ी के नंबर के आधार पर आर्मी ड्राइवर अस्मित कुमार पर विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी ड्राइवर पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
Source link