करौली की एनडीपीएस अदालत ने वर्ष 2022 में 100 ग्राम स्मैक बरामदगी के एक मामले में आरोपी को दोषी ठहराया है। कोर्ट ने आरोपी को 7 साल के कठोर कारावास और 70 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई। यह फैसला साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर सुनाया गया। विशिष्ट न्यायाधीश अरुण कुमार बेरीवाल ने आरोपी देवसिंह पुत्र जगन्नाथ को दोषी माना। देवसिंह झालावाड़ जिले के रटलाई थाना क्षेत्र के खेरिया गांव का निवासी है। लोक अभियोजक रीतेश सारस्वत ने बताया कि मामला 22 मई 2022 का है। उस समय थाना सदर करौली के तत्कालीन थानाधिकारी ओमेंद्र सिंह ने अस्थल स्थित क्रेशर के पास बायोडीजल पेट्रोल पंप के सामने आरोपी देवसिंह को पकड़ा था।
तलाशी के दौरान देवसिंह के कब्जे से 100 ग्राम अवैध स्मैक बरामद की गई थी। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 15 गवाहों के बयान और 28 दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। सभी साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए यह सजा सुनाई।
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