गोपालगंज के साकिब हुसैन ने अपने आईपीएल डेब्यू मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए 24 रन देकर 4 विकेट हासिल किए। इस युवा तेज गेंदबाज ने सनराइजर्स हैदराबाद की ओर से खेलते हुए क्रिकेट जगत में अपनी पहचान बनाई। साकिब ने अपने करियर का पहला ओवर सनराइजर्स हैदराबाद की जर्सी में फेंका। उनके सामने राजस्थान रॉयल्स के विस्फोटक सलामी बल्लेबाज यशस्वी जयसवाल थे। साकिब ने अपनी पहली ही ओवर की शुरुआती गेंदों में सटीक लाइन और लेंथ से एक शानदार इन-स्विंगर पर जयसवाल को आउट कर पवेलियन भेजा। उन्होंने इस मैच में कुल तीन और विकेट भी अपने नाम किए। न ढंग के जूते थे और न ही क्रिकेट किट
साकिब की इस सफलता के पीछे वर्षों की कड़ी मेहनत और संघर्ष है। गोपालगंज के सदर प्रखंड के दरगाह मोहल्ला निवासी साकिब के लिए एक छोटे से शहर से निकलकर दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग तक पहुंचना आसान नहीं था। एक समय ऐसा भी था जब उनके पास न ढंग के जूते थे और न ही क्रिकेट किट। आर्थिक तंगी के कारण खेल जारी रखना मुश्किल लग रहा था। इस मुश्किल दौर में उनकी मां ने गहने बेचकर उनके लिए जूते और क्रिकेट किट खरीदी थी, जिससे साकिब अपने खेल को जारी रख सके। जल्द ही भारतीय टीम में जगह बना सकते हैं
साकिब की इस उपलब्धि पर उनके गृह जिले गोपालगंज में खुशी का माहौल है। प्रशंसकों का मानना है कि अगर साकिब इसी लय को बरकरार रखते हैं, तो वह जल्द ही भारतीय टीम में भी जगह बना सकते हैं। सभी की नजरें अब साकिब के अगले मैचों पर टिकी हैं। ऐसे में मां ने अपने गहने गिरवी रखकर और बेचकर बेटे के लिए खेल का सामान खरीदा। मां के उन गहनों की चमक आज बेटे की सफलता में दिखाई दे रही है। पिता ने भी तंगहाली के बावजूद कभी बेटे के हौसले को टूटने नहीं दिया। मां का यह त्याग और साकिब की कड़ी मेहनत आज रंग लाई है। मिठाइयां बांटी गईं और एक दूसरे का मुंह मीठा किया
मैच के दौरान साकिब की गति और सटीक लाइन-लेंथ देखकर दिग्गजों ने उनकी तुलना भविष्य के स्टार खिलाड़ियों से करना शुरू कर दिया है। जैसे ही साकिब ने चौथा विकेट लिया, पूरे गोपालगंज में जश्न का माहौल बन गया। मिठाइयां बांटी गईं और एक दूसरे का मुंह मीठा किया गया और ऐतिहासिक पल का स्वागत किया गया। साकिब हुसैन की यह उपलब्धि यह साबित कर दी है कि अगर इरादे फौलादी हों और परिवार का साथ हो, तो अभाव के बीच से भी चमकता हुआ सितारा निकल सकता है। आज साकिब ने न केवल अपने माता-पिता का सिर गर्व से ऊंचा किया है, बल्कि गोपालगंज को देश के क्रिकेट मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाई है। अभावों में भी बड़े सपने देखने की हिम्मत रखता
जिले के हर कोने से उन्हें और उनके परिवार को बधाइयां मिल रही हैं, और हर कोई अब साकिब को नीली जर्सी में देश के लिए खेलते हुए देखने का बेसब्री से इंतजार कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल एक खिलाड़ी की जीत नहीं, बल्कि हर उस युवा की जीत है जो अभावों में भी बड़े सपने देखने की हिम्मत रखता है। आज वही बेटा, जिसके लिए कभी जूते खरीदना मुश्किल था, अपनी मेहनत की बदौलत अपने माता-पिता और पूरे बिहार का नाम रोशन कर रहा है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह प्रदर्शन जारी रहा, तो वह दिन दूर नहीं जब गोपालगंज का यह लाल भारतीय राष्ट्रीय टीम की जर्सी में नजर आएगा। साकिब ने अपने पहले ही मैच में धारदार गेंदबाजी करते हुए चार महत्वपूर्ण विकेट चटकाए, जिससे उनकी टीम की जीत का रास्ता साफ हो गया। गहने गिरवी रखकर बेटे की किट खरीदवाई
साकिब की इस सफलता के पीछे संघर्ष और बलिदान की एक ऐसी कहानी है, जो किसी भी युवा के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकती है। एक समय ऐसा था जब साकिब के पास क्रिकेट की किट और जूते खरीदने तक के पैसे नहीं थे। आर्थिक तंगी आड़े आई तो उनकी मां ने अपने गहने गिरवी रखकर और बेचकर अपने बेटे के सपनों को पंख दिए। साकिब ने अपनी गति के साथ-साथ गेंद पर नियंत्रण से सभी को प्रभावित किया। यशस्वी जायसवाल जैसे फॉर्म में चल रहे बल्लेबाज का विकेट लेना उनके आत्मविश्वास के लिए मील का पत्थर साबित हुआ। हैदराबाद की टीम को एक ऐसा भारतीय तेज गेंदबाज मिल गया है जो पावरप्ले में विकेट निकालने की क्षमता रखता है।वही सोशल मीडिया पर #SakibHussain और #Gopalganj ट्रेंड कर रहा है। जब घर सभी सदस्य सोए रहते थे तब वह उठकर फील्ड प्रैक्टिस करते थे। शुरू से ही वह मेहनती रहा है क्रिकेट का जुनून उसपर सवार था। हम लोग फैमिली से थोड़ा विक है मेरे पिता किसान जूता और कीट खरीदने के लिए पैसें नहीं थे तो मम्मी अपना गहना बेचकर खरीदवाई थी।
Source link