छात्रा के सुसाइड पर NIT में रातभर हंगामा,VIDEO:स्डूटेंड बोले- जबरन छुट्टी पर भेजा जा रहा, प्रोफेसर कहते हैं- पढ़ाए या नहीं, हमारी सरकारी नौकरी




NIT कुरुक्षेत्र में बी-टेक की छात्रा के सुसाइड के बाद देर रात हजारों स्टूडेंट्स कैंपस में हंगामा किया। हंगामे को देखते हुए एनआईटी प्रशासन ने मेन गेट बंद कर काफी देर तक मीडिया की एंट्री बैन रखी। सेकेंड ईयर की छात्रा दीक्षा ने गुरुवार दोपहर लैब से आने के बाद अपने रूम में फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया था। इसके बाद से ही साथी छात्र मामले को संदिग्ध बताते हुए जांच की मांग कर रहे हैं। दीक्षा ऑर्टिफिशियल एंड डेटा साइंस स्ट्रीम की पढ़ाई कर रही थी। वह बिहार के बक्सर जिले की रहने वाली थी। दीक्षा ने अपनी नोटबुक में एक मैसेज भी छोड़ा है। जिसमें उसने लिखा…मम्मी-पापा मैं कुछ करके नहीं दिखा पाई, मैंने आपके पैसे बर्बाद कर दिए। हंगामा कर रहे छात्रों का कहना है कि पिछले करीब 2 महीने में बी-टेक के चार स्टूडेंट सुसाइड कर चुके हैं। 3 छात्रों के सुसाइड के बाद एक कमेटी बनाई गई थी, लेकिन इसके बाद भी सुसाइड करने का सिलसिला जारी रहा। प्रोफेसर कहते हैं कि हमारी सरकारी नौकरी, हम चाहे पढ़ाए या न पढ़ाए। स्टूडेंट्स के हंगामे के PHOTOS… पहले जानिए… हंगामा कर रहे छात्रों ने क्या आरोप लगाए NIT प्रशासन ने पुलिस बुलाई NIT में लगातार बढ़ रहे सुसाइड मामले को लेकर छात्रों ने गुरुवार देर रात प्रदर्शन किया। हंगामे को बढ़ता देख एनआईटी प्रशासन ने मौके पर पुलिस बुला ली है। पुलिस के साथ कैंपस में एनआईटी के गार्ड्स भी मौजूद रहे। प्रोफेसर ने सवाल पूछने पर डांटा प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने आरोप लगाया कि छात्रा दीक्षा का शव काफी देर तक फंदे पर लटका रहा, किसी ने ध्यान नहीं दिया। जब हमने प्रोफेसर से सवाल पूछे तो उन्होंने हमें डांटना शुरू कर दिया। छात्रों का कहना है कि पिछले करीब 2 महीने में कैंपस में ये चौथा सुसाइड है। कमेटी ने कोई काम नहीं किया पहले तीन सुसाइड होने के बाद एनआईटी प्रशासन ने एक कमेटी बनाई थी, जिससा काम छात्रों की प्रॉब्लम को सॉल्व करना था, लेकिन कमेटी ने ठीक से काम नहीं किया। कमेटी बनने के बाद ही दीक्षा ने सुसाइड किया है। हंगामा करते हुए छात्रों ने सुसाइड के मामले में सीबीआई जांच की मांग की है। प्रोफेसर ने कही और सुसाइड करने के लिए कहा छात्रों ने आरोप लगाया कि एक प्रोफेसर ने NIT की बजाय कहीं और जाकर सुसाइड करने की बात कही है। NIT प्रशासन ने अब हंगामे को देखते हुए हमारी छुट्टियां कर दी है। हमें जबरदस्ती घर जाने के लिए कहा गया है। जिससे मामले को दबाया जा सके। हम अपनी दोस्त दीक्षा के लिए लड़ रहे छात्रों का कहना है कि प्रोफेसर हमें मेंटल हैरेसमेंट करते हैं। डिग्री रोकने का दबाव बनाया जाता है। इसमें हमारा कोई पर्सनल इश्यू नहीं है। हम सिर्फ अपनी दोस्त दीक्षा को इंसाफ दिलाने के लड़ रहे हैं। इस मामले की प्रोपर जांच होनी चाहिए। अब पढ़िए, छात्रा की मौत का घटनाक्रम… DSP बोले- सभी इश्यू सॉल्व किए जाएंगे शाहाबाद DSP राजकुमार हंगामे को देखते हुए रात के समय कैंपस में पहुंचे। उन्होंने छात्रों को आश्वसन दिया कि सुसाइड मामले की जांच में पुलिस को जो भी शिकायत देंगे, उसी तरह की जांच की जाएगी। इसके अलावा NIT से आपके जो इश्यू हैं उनको सॉल्व किया जाएगा। 2 महीने में चार स्टूडेंट कर चुके सुसाइड इस घटना के पहले NIT के तीन अन्य स्टूडेंट सुसाइड कर चुके हैं। 9 अप्रैल को सिरसा जिले के गांव शेरपुर के प्रियांशु वर्मा (22) ने फंदा लगाया था। प्रियांशु बीटेक थर्ड ईयर का स्टूडेंट था। हॉस्टल के रूम से उसका शव मिला था। प्रियांशु से पहले 31 मार्च को पवन कुमार (22) निवासी घासैड़ा जिला नूंह ने अपनी जान दी थी। पवन बीटेक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के सेकेंड ईयर की पढ़ाई कर रहा था। वहीं दो महीने पहले 16 फरवरी को तेलंगाना के रहने वाले अंगोद शिवा (19) ने हॉस्टल के रूम में फांसी लगाकर जाने दे दी थी।



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