जमुई जिला प्रशासन ने नाबालिग मजदूरों से काम कराने के मामले में सख्त कार्रवाई की है। ईंट भट्ठे पर काम कर रहे पांच नाबालिग मजदूरों के ट्रैक्टर दुर्घटना में घायल होने के बाद भट्ठा मालिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्रशासन ने घायल बच्चों को मुआवजा और सहायता राशि भी जारी की है।यह घटना खैरा थाना क्षेत्र के मिल्की गांव में हुई, जहां ईंट लदा एक ट्रैक्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में पांच नाबालिग मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। जिलाधिकारी नवीन ने घटना का तुरंत संज्ञान लिया और श्रम विभाग, जमुई को तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी के निर्देश पर श्रम अधीक्षक रतीश कुमार ने श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, सिकंदरा के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया। “रॉयल ब्रिक्स” ईंट भट्ठे का गहन निरीक्षण किया
जांच टीम ने घटनास्थल और सिकंदरा थाना क्षेत्र के मिरचा गांव स्थित “रॉयल ब्रिक्स” ईंट भट्ठे का गहन निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि भट्ठा संचालक राज उज्जवल “बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 (संशोधित 2016)” का उल्लंघन करते हुए नाबालिगों से खतरनाक कार्य करवा रहे थे। इस मामले में राज उज्जवल (पिता- शिवनंदन यादव, निवासी- इंदाय, शेखपुरा) के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। श्रम विभाग ने नियोजक को 20,000 रुपये मुआवजा भुगतान का नोटिस भी जारी किया है। 15,000 रुपये की तत्काल सहायता राशि प्रदान की गई
घायल और मुक्त किए गए पांचों बाल श्रमिकों के पुनर्वास को प्राथमिकता देते हुए, प्रत्येक को 3,000 रुपये की दर से कुल 15,000 रुपये की तत्काल सहायता राशि प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री राहत कोष से अतिरिक्त सहायता दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इन बाल श्रमिकों में से तीन जमुई के निवासी हैं, जबकि दो शेखपुरा जिले के हैं। संबंधित जिलों को उनके दस्तावेज भेजे गए हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बाल श्रम के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। ईंट भट्ठों और अन्य व्यावसायिक स्थलों पर लगातार छापेमारी कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि कहीं भी बाल श्रम की सूचना मिलने पर तुरंत जानकारी दें, ताकि बच्चों को शोषण से बचाकर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।
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