सिंगरौली नगर निगम परिषद की बुधवार को हुई बैठक में स्वच्छता, पेयजल आपूर्ति और नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान कांग्रेस और भाजपा पार्षदों के बीच कई विषयों पर तीखी बहस और नोंकझोंक देखने को मिली, जिससे सभागार का माहौल गरमा गया। बैठक में भाजपा पार्षद भारतेंदु पांडे ने केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों का जिक्र किया। इस पर कांग्रेस पार्षद अनिल शाह ने पलटवार करते हुए कहा कि नारी सशक्तिकरण की दिशा में कांग्रेस ने ही सबसे पहले ठोस कदम उठाए थे। उन्होंने देश में प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति जैसे उच्च पदों पर महिलाओं को आगे बढ़ाने का श्रेय कांग्रेस को दिया। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक बहस जारी रही। सफाई व्यवस्था प्रभावित स्वच्छता व्यवस्था को लेकर पार्षदों ने नगर निगम प्रशासन पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि 250 सफाई कर्मियों की प्रस्तावित भर्ती अब तक पूरी नहीं हो पाई है, जिसके कारण कई वार्डों में नियमित और प्रभावी सफाई नहीं हो रही है। पार्षदों ने इस समस्या के शीघ्र समाधान की मांग की। गर्मी के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए पेयजल संकट पर भी गंभीर चर्चा हुई। पार्षदों ने सुझाव दिया कि पानी की आपूर्ति व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाए, ताकि आने वाले दिनों में नागरिकों को परेशानी का सामना न करना पड़े। बैठक में विधायक के बैठने पर आपत्ति बैठक के दौरान पार्षद रामगोपाल पाल ने सिंगरौली विधायक रामनिवास शाह के परिषद में बैठने और बोलने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि जब विधायक की विधानसभा में कोई सांसद आकर नहीं बोलता, तो वे नगर निगम की परिषद में, जहां पार्षदों की जगह है, बार-बार क्यों बोल रहे हैं। इस पर विधायक रामनिवास शाह ने जवाब दिया कि वे सुझाव दे रहे हैं, जो पार्षदों के फायदे के लिए हैं। बैठक के अंत में नगर निगम अध्यक्ष देवेश पांडे ने सभी पार्षदों और निगम आयुक्त सविता प्रधान को निर्देश दिया कि वे फील्ड में सक्रिय रहकर जमीनी समस्याओं को समझें और समय रहते उनका समाधान सुनिश्चित करें।
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