जालंधर के बस्ती दानिशमंदा इलाके में गोलगप्पे खाने आए युवक का मोबाइल फोन तीन अज्ञात युवकों ने बड़ी ही सफाई से उड़ा लिया। पीड़ित का आरोप है कि उन्होंने संदिग्धों को देख लिया था, लेकिन आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहे। मामले में तब नया मोड़ आया जब पीड़ित ने एक संदिग्ध की पहचान की और उसकी पत्नी के साथ कहासुनी हुई, जिसके बाद संदिग्ध परिवार मौके से गायब हो गया। गोलगप्पे खाने रुके युवक के साथ वारदात पीड़ित युवक ने बताया कि वह अपने बच्चों के साथ बस्ती दानिशमंदा इलाके में गोलगप्पे खाने के लिए रुका था। उसने डिजिटल पेमेंट के जरिए भुगतान करने के लिए जैसे ही दो मिनट का समय लिया, उसी बीच उसके पास खड़े तीन लड़कों ने बड़ी फुर्ती से उसकी जेब से मोबाइल फोन निकाल लिया। पीड़ित का कहना है कि उसे तुरंत एहसास हो गया था कि फोन निकाला गया है, लेकिन जब तक वह मुड़ा, लड़के वहां से खिसकने लगे थे।
पीड़ित ने बताया कि वारदात के वक्त वहां खड़े लड़कों में से उसने कुछ की पहचान की है। हैरानी की बात यह है कि मौके पर मौजूद एक अन्य व्यक्ति (जिस पर मिलीभगत का शक है) पहले तो कहता रहा कि वह उन लड़कों को नहीं जानता, लेकिन बाद में पीड़ित ने खुलासा किया कि उस व्यक्ति के पास उन लड़कों के मोबाइल नंबर भी मौजूद थे। पीड़ित का कहना है कि आरोपी अब पहचानने से इनकार कर रहे हैं, जबकि सच्चाई कुछ और है। मौके से भागी संदिग्ध की पत्नी और एक्टिवा घटना के बाद जब शोर मचा तो संदिग्ध व्यक्ति की पत्नी अपनी एक्टिवा लेकर मौके से चली गई। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि संदिग्ध महिला और उसका परिवार मीडिया के सामने आने से बच रहे हैं। पीड़ित ने बताया कि उनके पास गाड़ी का नंबर भी है और उन्हें पूरा यकीन है कि यह एक संगठित गिरोह का काम है जो भीड़भाड़ वाले इलाकों में लोगों को निशाना बनाता है। कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल पीड़ित ने दुखी मन से कहा कि आज के समय में घर से बाहर निकलना भी दूभर हो गया है। बच्चों के सामने इस तरह की वारदातें आम हो गई हैं। उन्होंने कहा की हमें किसी से कोई निजी रंजिश या गिला-शिकवा नहीं है, हमें बस हमारा फोन वापस चाहिए।” हालांकि पुलिस को इस मामले की शुरुआती सूचना दी गई है, लेकिन स्थानीय निवासियों में इस घटना को लेकर काफी गुस्सा और डर का माहौल है।
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