शैक्षणिक दस्तावेजों में गड़बड़ी और ‘डिग्री मिसमैच’ पाए जाने के बाद शिक्षा विभाग ने 18 शारीरिक शिक्षकों (PTI) को बर्खास्त कर दिया है। सभी बांसवाड़ा जिले के अलग- अलग सरकारी स्कूलों में कार्यरत थे। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी जयदीप पुरोहित ने बुधवार को आदेश जारी किए। मामला पीटीआई भर्ती 2022 से जुड़ा है। विभाग ने एक मामले की गहन जांच के लिए संयुक्त निदेशक उदयपुर को भेजा गया है। पुरोहित ने बताया कि राज्य कर्मचारी चयन बोर्ड ने पीटीआई भर्ती परीक्षा के दौरान चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच की थी। इसमें सामने आया कि जिले के 18 शिक्षकों ने आवेदन के समय जो डिग्री दिखाई थी, वह बाद में जमा कराए गए दस्तावेजों से मेल नहीं खा रही थी। चयन बोर्ड ने एक मौका भी दिया था
उन्होंने बताया कि कर्मचारी चयन बोर्ड ने इन अभ्यर्थियों को अपनी बात रखने का एक मौका भी दिया था। बोर्ड की सुनवाई में संतोषजनक जवाब और सही दस्तावेज पेश नहीं करने पर बोर्ड ने इनकी पात्रता को गलत माना और शिक्षा निदेशक को इनके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। जिलेभर में कार्यरत थे शिक्षक
पुरोहित ने बताया कि बर्खास्त किए गए शिक्षक जिले के विभिन्न क्षेत्रों में तैनात थे। इनमें मुख्य रूप से सज्जनगढ़, गांगड़तलाई, बागीदौरा, आनंदपुरी क्षेत्र शामिल है। निदेशालय से शुक्रवार(17 अप्रैल) को आदेश मिलने के बाद 2 दिनों के भीतर सभी संबंधित स्कूलों के प्रिंसिपल्स को बुलाकर इन शिक्षकों की बर्खास्तगी के आदेश थमा दिए गए हैं। मामले में कर्मचारी चयन बोर्ड के निर्देशों पर कार्रवाई की गई है। निदेशालय से सूची दी गई थी, जिसके आधार पर कार्रवाई की गई। साल 2022 में निकली थी भर्ती
बता दें कि साल 2022 में 5546 पदों पर पीटीआई की भर्ती निकाली गई थी। सफल अभ्यर्थियों की डिग्री और अन्य दस्तावेजों का वेरिफिकेशन किया गया, जिसमें कई दस्तावेज फर्जी या मिसमैच पाए गए थे। इसके बाद एसओजी ने जांच के बाद 165 से ज्यादा अभ्यर्थियों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला दर्ज किया था, जिसमें पूर्व में 134 से ज्यादा शिक्षक बर्खास्त किए जा चुके हैं। ये खबर भी पढ़िए…
बिना ग्रेजुएशन किए 21 अभ्यर्थी PTI बने:SOG ने दर्ज की FIR, बीपीएड की डिग्री भी फर्जी निकली; पेपर लीक की भी हो रही जांच राजस्थान में हुई PTI भर्ती परीक्षा-2022 में चयनित हुए अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की जांच में सामने आया है कि 21 अभ्यर्थियों ने फर्जी स्नातक और बीपीएड डिग्रियों के जरिए नौकरी हासिल की। पूरी खबर पढ़िए
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