बिहार में नई सरकार बनते ही पुलिस एक्शन मोड में हैं। शुक्रवार की सुबह नालंदा, समस्तीपुर, औरंगाबाद, भोजपुर और मुजफ्फरपुर में जेलों में एक सात रेड पड़ी है। नालंदा में जिला प्रशासन और पुलिस की टीम ने बिहारशरीफ मंडल कारा में सुबह 4 बजे छापेमारी की। अधिकारियों के नेतृत्व में पुलिस की टुकड़ियां जेल के अंदर दाखिल हुई। एक-एक वार्ड की बारीकी से तलाशी ली गई। अचानक हुई इस दस्तक से जेल कर्मियों में भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लगभग तीन घंटे तक चली छापेमारी के बीच सुबह करीब साढ़े छह बजे डीएम कुंदन कुमार और एसपी भारत सोनी भी मंडल कारा पहुंचे। अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। लगभग 20 मिनट तक जेल के अंदर रहने के बाद दोनों वहां से रवाना हो गए। छापेमारी के बाद जब मीडिया ने बरामदगी को लेकर अधिकारियों से सवाल किए, तो उन्होंने फिलहाल कुछ भी बोलने से परहेज किया और सीधे अपनी गाड़ी में बैठकर निकल गए। 100 से अधिक पुलिस जवानों की मौजूदगी हालांकि, आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, करीब 100 से अधिक पुलिस जवानों की मौजूदगी में चली इस सघन तलाशी के दौरान कोई भी आपत्तिजनक सामान बरामद नहीं हुआ है। वर्तमान में इस मंडल कारा में 925 के करीब बंदी है, जिनकी सुरक्षा और जेल के अंदर की गतिविधियों पर पैनी नजर रखने के उद्देश्य से यह ऑपरेशन चलाया गया था। जेल के बाहर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था छापेमारी अभियान में एडीएम, सदर एसडीओ, अपर पुलिस अधीक्षक समेत साइबर, लॉ एंड ऑर्डर, हेडक्वार्टर और सुरक्षा डीएसपी जैसे कई वरीय अधिकारी शामिल थे। साथ ही दीपनगर, बिहार, लहेरी और नालंदा समेत कई थानों की पुलिस और पुलिस लाइन के जवानों को भी इसमें तैनात किया गया था। अधिकारी और जवान चार बड़ी बसों और एक दर्जन से अधिक छोटी गाड़ियों के काफिले के साथ जेल पहुंचे थे। प्रशासन की इस अचानक हुई कार्रवाई को राज्य में कानून-व्यवस्था की सख्ती से जोड़कर देखा जा रहा है।
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