पठानकोट-जालंधर नेशनल हाईवे स्थित डमटाल पहाड़ियों के जंगल में मंगलवार दोपहर को आग लग गई। आग की सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और उनकी ओर से फायर ब्रिगेड को सूचित कर बुलाया गया। जिसके बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
हालांकि, इस आगजनी से किसी भी प्रकार के जानी-माली नुकसान की सूचना नहीं है। बता दें, डमटाल की पहाड़ियां पठानकोट-जालंधर नेश्नल हाइवे के बिल्कुल बगल में है। जंगल में आग लगी तो धुआं हाइवे पर फैल गया। लेकिन, समय रहते आग पर काबू पा लिया गया। नहीं तो सड़क दुर्घटना भी हो सकती थी। डमटाल की पहाड़ियों में है घना जंगल
बता दें, पठानकोट-जालंधर नेशनल हाईवे पर डमटाल की पहाड़ियों का घना जंगल है। जहां यह घटना सामने आई है। अधिकारियों का कहना है कि अगर यह आग फैल जाती तो वन संपदा का भारी नुकसान हो सकता था। लेकिन, समय रहते वन विभाग के अधिकारियों ने फायर ब्रिगेड को सूचना देकर इस नुकसान को होने से बचा लिया है। जलती बीड़ी-सिगरेट फेंकने से लगी आग
मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने बताया कि डमटाल का जंगल सड़क के बिल्कुल बगल में है। जिसके चलते यहां से गुजरने वाले लोगों की ओर से जंगल के पास कचरा भी फेंक दिया जाता है और कई राहगीर जलती बीड़ी या सिगरेट नीचे फेंक देते हैं। अक्सर ऐसी स्थिति में जंगल में आग लग जाती है और जंगल को बड़ा नुकसान हो सकता है। अधिकारियों ने बताया कि मौके पर पहुंचे आग पर काबू पा लिया गया है। किसी भी तरह के नुक्सान की सूचना नहीं है। जंगल में आग लगाई तो दर्ज होगा मामला
इस मौके पर पहुंचे वन विभाग के अधिकारी बलविंदर सिंह ने बताया कि अगर कोई व्यक्ति इसी प्रकार जंगल में आज लगता या फिर किसी की लापरवाही से जंगल में आग लगती है तो उस पर कानूनी कार्रवाई की जाती है।
वन विभाग के अधिकारियों ने लोगों से अपील करते कहा कि वह जंगल में कचरा ना फैंके। इसके इलावा, जंगल में जलती हुई बीड़ी-सिगरेट ना फैंके। इससे वन संपदा का भारी नुकसान हो सकता है।
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