अजमेर की एससी-एसटी कोर्ट ने पत्नी की गला रेतकर हत्या करने वाले पति को उम्र कैद की सजा सुनाई है। आरोपी पर कोर्ट ने 20 हजार का आर्थिक दंड भी लगाया। गुरुवार को फैसला जज अक्षि कंसल की ओर से सुनाया गया। मामले की जानकारी सरकारी वकील पंकज जैन की ओर से दी गई। सरकारी वकील पंकज जैन ने बताया कि कोर्ट ने आरोपी पति इलाहाबाद निवासी रिजवान को पत्नी शाहीन की सब्जी काटने वाले चाकू से गला रेतकर हत्या के मामले में उम्र कैद की सजा सुनाई है। जिसमें अभियोजन पक्ष की ओर से 13 गवाह, 47 दस्तावेज और 11 आर्टिकल पेश किए गए थे। मामला 26 अप्रैल 2021 गंज थाना क्षेत्र का है। शर्ट पर पत्नी का मिला का खून और सीसीटीवी रहा मुख्य साक्ष्य जैन ने बताया कि इस फैसले में पड़ोस में लगे सीसीटीवी और आरोपी पति के शर्ट पर मिले खून की अहम भूमिका रही थी। एफएसएल रिपोर्ट में आरोपी पति की शर्त पर मिला खून उसकी पत्नी के खून से मैच हुआ था। इसके साथ ही पड़ोस में लगे सीसीटीवी में वह घर में जाकर शर्ट बदलकर वापस कुछ देर बाद दूसरी शर्ट में अपनी बेटी को साथ लेकर भागता हुआ दिखाई दिया था। इसके साथ ही चाकू पर भी फिंगरप्रिंट मिले थे।
न्यायालय सीसीटीवी कोर्ट में भी चला कर देखे थे। इसके बाद न्यायाधीश की ओर से यह फैसला सुनाया गया। मृतका की मां ने दर्ज करवाया था मुकदमा सरकारी वकील पंकज जैन ने बताया कि मामला गंज थाना क्षेत्र का था। 27 अप्रैल 2021 को वेस्ट बंगाल निवासी सहिदा की ओर से मुकदमा दर्ज करवाया गया था। जिसमें उसने बताया कि उसकी बेटी शाहीन की शादी 2 साल पहले इलाहाबाद के रहने वाले रिजवान से हुई थी। दोनों की 13 महीने की एक बेटी हैं। बेटी का पति दहेज की मांग को लेकर आए दिन बेटी से लड़ाई झगड़ा करता था। 26 अप्रैल को शाम 7 बजे वह काम करके घर आई और रोज इफ्तारी का समय होने पर उसने अपनी बेटी शाहीन को आवाज लगाई तो वह नहीं आई। जब उसने अंदर जाकर देखा तो बेटी लहूलुहान हालत में थी। गले पर गहरा गांव था और खून बह रहा था। इसके बाद उसने मकान मालिक के पुत्र को आवाज़ लगाई और बेटी को अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मां ने शिकायत में आरोप लगाया कि उसकी बेटी की दहेज की मांग को लेकर दामाद रिजवान ने हत्या कर दी और उसकी नवासी को लेकर फरार हो गया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर 1 माई 2021 को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद कोर्ट में चालान पेश किया गया।
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