पूर्णिया में प्राइवेट अस्पताल में मरीज की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने ऑपरेशन के समय शराब पी रखी थी। नशे में डॉक्टर ने गलत ऑपरेशन कर दिया। हायर सेंटर पहुंचने से पहले मरीज की जान चली गई। इसी के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। मृतक की पहचान अररिया जिले के पलासी निवासी खेखिया देवी के रूप में हुई है। घटना मेडिकल हब के नाम से मशहूर लाइन बाजार स्थित डॉ. बी.एन. सिन्हा कैंपस में चल रहे डॉ. जयेश कुमार के निजी अस्पताल की है।
इलाज के नाम पर 2 लाख रुपए से ज्यादा लिए मृतका के बेटे चंदन कुमार ने बताया कि ऑपरेशन के लिए मां को 7 मार्च को लाइन बाजार स्थित डॉ जयेश कुमार के क्लिनिक लेकर आए थे। 13 मार्च को ऑपरेशन किया गया, लेकिन उसके बाद से ही मरीज की स्थिति सुधरने के बजाय बिगड़ती चली गई। ऑपरेशन के घाव से पानी आने लगा था। जब उन्होंने इसकी शिकायत डॉक्टर से की, तो मदद के बजाय डॉक्टर जयेश कुमार ने उनके साथ मारपीट की, जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। गंदी-गंदी गालियां दी गई। इलाज के नाम पर करीब 2 से 2.5 लाख रुपए ऐंठ लिए। संक्रमण पूरे शरीर में फैलने के बाद डॉक्टर ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए मरीज को पटना रेफर कर दिया। 16 अप्रैल को पटना ले जाने के दौरान रास्ते में ही महिला ने दम तोड़ दिया। मौत की खबर मिलते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। शव को लेकर वापस अस्पताल पहुंच गए।
अस्पताल से शराब की बोतल बरामद परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने शराब पी रखी थी। शराब के नशे में गलत ऑपरेशन कर दिया, जिससे जान लग गई। आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोग अस्पताल परिसर में जैसे ही घुसे शराब की 25 खाली बोतलें बरामद हुईं। डॉक्टर और अस्पताल कर्मी नशे की हालत में रहते थे। आवेदन के आधार पर जांच में जुटी पुलिस हंगामे की सूचना मिलते ही फणीश्वरनाथ रेणु टीओपी प्रभारी राजनंदनी सहित तीन थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने आक्रोशित भीड़ को नियंत्रित किया। परिजनों से लिखित आवेदन लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि बरामद बोतलों और परिजनों के आरोपों को आधार बनाकर निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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