पूर्णिया में 24 अप्रैल से शुरू हो रहा ज्ञान संगम:साहित्यिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों का होगा आयोजन, तीन दिन तक जुटेंगे देशभर के साहित्यकार




पूर्णिया में 24 अप्रैल से साहित्यिक-सांस्कृतिक आयोजन किया जाएगा। इसे ज्ञान संगम 2026 नाम दिया गया है। जहां विचारों का संगम होगा। आयोजन तीन दिनों तक चलेगा। समापन 26 अप्रैल को होगा। कार्यक्रम परोरा स्थित वीवीआरएस परिसर में आयोजित किया जाएगा। आयोजन सब-हिमालयन रिसर्च इंस्टीट्यूट पूर्णिया की ओर से आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले लेखकों, कवियों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और साहित्य प्रेमियों को एक साझा मंच पर जोड़ना है। सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने पर भी विशेष जोर आयोजन केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि विचारों के आदान-प्रदान का एक बड़ा मंच बनने जा रहा है। आयोजकों ने बताया कि ज्ञान संगम के जरिए क्षेत्र की समृद्ध साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को फिर से जीवंत करने की कोशिश की जा रही है। इसके साथ ही पूर्वोत्तर भारत और आसपास के क्षेत्रों के साथ बौद्धिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने पर भी विशेष जोर दिया गया है। खास बात है कि इस आयोजन में युवाओं और विद्यार्थियों को केंद्र में रखा गया है, ताकि वे बहुभाषावाद, अनुवाद और रचनात्मक लेखन की दिशा में आगे बढ़ सकें और अपनी प्रतिभा को निखार सकें। तीन दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में साहित्य और शिक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम होंगे। इसमें पैनल चर्चा के जरिए गंभीर विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा, कवि अपने काव्य पाठ से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे और कहानी गोष्ठियों के माध्यम से रचनात्मक अभिव्यक्ति को मंच मिलेगा। कला और शिल्प की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी इसके साथ ही शोधकर्ताओं और शिक्षाविदों की ओर से अकादमिक प्रस्तुतियां भी दी जाएंगी, जिससे ज्ञान का दायरा और व्यापक होगा। युवा रचनाकारों के लिए विशेष सत्र रखे गए हैं, जहां उन्हें मार्गदर्शन और अपने विचार साझा करने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम के दौरान पुस्तक, कला और शिल्प की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र बनेगी। 24 अप्रैल को होने वाला उद्घाटन समारोह इस पूरे आयोजन का मुख्य आकर्षण रहेगा। पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत होगी, इसके बाद स्वागत भाषण और एक विशेष स्मारक व्याख्यान आयोजित किया जाएगा। उद्घाटन दिवस पर ही एक भव्य सांस्कृतिक संध्या भी होगी, जिसमें संगीत के माध्यम से प्रतिष्ठित साहित्यिक और सांस्कृतिक हस्तियों को सम्मान दिया जाएगा। इस आयोजन में देशभर से कई नामी लेखक, विद्वान और सांस्कृतिक हस्तियां भाग लेंगी, जिससे पूर्णिया को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने की उम्मीद है। ज्ञान संगम 2026 को पूर्वी भारत के एक उभरते हुए साहित्यिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। साथ ही, कार्यक्रम भारत सरकार की “एक्ट ईस्ट” नीति के अनुरूप क्षेत्रीय और अंतर-क्षेत्रीय सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी मजबूती देगा। इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में कई प्रतिष्ठित संस्थानों का सहयोग मिल रहा है, जिनमें भारतीय स्टेट बैंक , पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, आईसीआई बैंक, आईडीबीआई बैंक, विद्या विहार करियर प्लस और इंटैक (पूर्णिया चैप्टर) जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। इन संस्थाओं के सहयोग से कार्यक्रम को बड़े स्तर पर आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम को लेकर नवरतन हाता, NH-31 स्थित करियर प्लस में एक प्रेस ब्रीफिंग भी आयोजित की गई, जिसमें आयोजकों ने मीडिया के सामने पूरे कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी साझा की और सभी को इसमें शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने छात्रों, शिक्षकों, लेखकों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस आयोजन को सफल बनाएं।



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