प्रभाकर हत्याकांड के शूटरों की तलाश, जेल पहुंची पहुंची:सीसीटीवी फुटेज दिखाकर बंदियों से पूछताछ; लेनदेन के विवाद में बिजनेस पार्टनरों ने दी थी सुपारी




मुजफ्फरपुर के चर्चित प्रॉपर्टी डीलर प्रभाकर सिंह हत्याकांड की जांच अब जेल तक पहुंच गई है। शूटरों का सुराग जुटाने के लिए पुलिस शहीद खुदीराम बोस सेंट्रल जेल पहुंची है। जेल में बंद पेशेवर अपराधियों से शूटरों के बारे में अहम जानकारी मिलने की संभावना है। अहियापुर थाना क्षेत्र के बाड़ा जगन्नाथ चौक पर गोली मारकर हत्या की गई थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, बड़ी आपराधिक घटनाओं की जानकारी अक्सर जेल में बंद अपराधियों तक पहुंच जाती है। इसी आधार पर जेल में कई कुख्यात बंदियों से पूछताछ की है। जांच टीम ने शूटरों की पहचान के लिए बंदियों को सीसीटीवी फुटेज भी दिखाए हैं। एसडीपीओ टाउन-2 विनीता सिन्हा ने बताया कि पुलिस मामले के काफी करीब है। शूटरों की पहचान लगभग हो चुकी है। गिरफ्तारी के लिए विशेष छापेमारी अभियान जारी है। साजिश रचने के आरोप में पुलिस पहले ही दो मुख्य नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इनमें शेखपुर का तुलसी राय और कटरा का उदय पटेल शामिल है। अधिकारियों के मुताबिक, इन दोनों से हुई पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्ध शूटरों की पहचान संभव हो पाई है। पुलिस इन सुरागों का सत्यापन कर रही है, ताकि गिरफ्तारी के बाद न्यायालय में पुख्ता सबूत पेश किए जा सके। हत्याकांड का मुख्य कारण 30 लाख रुपए का विवाद बताया जा रहा है। बीते 30 मार्च को बाड़ा जगन्नाथ चौक के पास बाइक सवार दो शूटरों ने प्रभाकर सिंह को घेरकर तीन गोलियां मारी थी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। पत्नी पिंकी देवी ने एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने इस हत्या को प्रॉपर्टी डीलिंग और पैसों के लेनदेन से जुड़ा बताया था। पैसे देने से पहले मारी गोली पिंकी देवी ने पुलिस को बताया था कि तुलसी राय और उदय पटेल उनके पति के काफी करीबी थे। उदय पटेल ने ही शेखपुर इलाके में एक प्लॉट की डील तुलसी राय के माध्यम से कराई थी, जिसके लिए प्रभाकर सिंह ने उदय को 30 लाख रुपए दिए थे। जब प्लॉट की डील फाइनल नहीं हो सकी, तो तुलसी राय को वह रकम लौटानी थी। पैसे वापस करने के लिए 31 मार्च की तारीख तय की गई थी। रकम लौटाने से ठीक एक दिन पहले यानी 30 मार्च को सोची-समझी साजिश के तहत प्रभाकर सिंह की हत्या करा दी गई। गिरफ्तारी के लिए छापेमारी वर्तमान में दोनों नामजद आरोपी जेल में है। पुलिस अब इस मामले में तेजी से केस डायरी तैयार कर रही है, ताकि आरोपियों के खिलाफ जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल की जा सके। एसडीपीओ विनीता सिन्हा ने आश्वस्त किया है कि पुलिस की टीम शूटरों के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।



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