दतिया नगर पालिका के स्थापना लिपिक दिलीप सिंह की आत्महत्या के मामले में सोमवार को बड़ा खुलासा हुआ है। मृतक की पत्नी ने झांसी के प्रेमनगर थाने में दतिया नगर पालिका के तत्कालीन सीएमओ (CMO) नागेंद्र सिंह गुर्जर सहित 3 लोगों पर फर्जी फाइल बनाने का दबाव डालने, प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए उकसाने की शिकायत दर्ज कराई है। पत्नी का आरोप है कि फर्जीवाड़े से मना करने पर उन्हें प्रताड़ित कर कचरा गाड़ियों की गणना में लगा दिया गया था। वर्तमान में पत्नी की शिकायत और मृतक के एक सुसाइड वीडियो के आधार पर झांसी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 2011 की नियुक्ति को 2006 दिखाने का था दबाव, 50 हजार का ऑफर नराईपुरा नैनागढ़ निवासी माधुरी सिंह ने अपनी शिकायत में बताया कि उनके पति दिलीप सिंह दतिया नगर पालिका में स्थापना लिपिक के पद पर पदस्थ थे। आरोप है कि तत्कालीन सीएमओ नागेंद्र सिंह गुर्जर, कर्मचारी राजेश दुबे और धर्मेंद्र शर्मा उन पर वर्ष 2011 की एक नियुक्ति फाइल को वर्ष 2006 दिखाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करने का दबाव बना रहे थे। इसके एवज में दिलीप सिंह को 50 हजार रुपए देने की बात भी कही गई थी, लेकिन उन्होंने इस फर्जीवाड़े से साफ मना कर दिया था। इनकार करने पर दीं गालियां, हटाकर कचरा गाड़ियों की गिनती में लगाया पत्नी माधुरी के मुताबिक, फर्जी फाइल बनाने से मना करने पर आरोपियों ने दिलीप सिंह के साथ गाली-गलौज और मारपीट की तथा उन्हें अपमानित किया। इसके बाद 17 फरवरी 2026 को एक आदेश जारी कर दिलीप सिंह को स्थापना शाखा से हटा दिया गया और कचरा गाड़ियों की गणना के काम में लगा दिया गया। इस बदलाव और लगातार मिल रही प्रताड़ना से वे बेहद आहत थे और तनाव में रहने लगे थे। इसी मानसिक दबाव के चलते 22 फरवरी 2026 को उन्होंने आत्महत्या कर ली थी। सुसाइड से पहले वीडियो में बताया था जिम्मेदार, परिवार ने की सख्त कार्रवाई की मांग शिकायत में यह भी बताया गया है कि आत्महत्या करने से पहले दिलीप सिंह ने अपना एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया था। इस वीडियो में उन्होंने तत्कालीन सीएमओ और दोनों कर्मचारियों को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। मृतक अपने पीछे पत्नी, एक बेटा और एक बेटी छोड़ गए हैं। परिवार ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, जिस पर झांसी पुलिस ने संज्ञान लेते हुए अपनी जांच शुरू कर दी है।
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