प्रदेश में वकीलों की सबसे बड़ी संस्था बार काउंसिल ऑफ राजस्थान (बीसीआर) के चुनाव बुधवार को होंगे। करीब तीन साल की देरी से 8 साल बाद हो रहे इन चुनाव में 23 पदों के लिए 234 प्रत्याशी मैदान में हैं। इनके लिए प्रदेश के 84 हजार 247 एडवोकेट वोट करेंगे। इस चुनाव में पहली बार महिला अधिवक्ताओं को आरक्षण दिया गया है। वहीं इस बार चुनाव सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी की निगरानी में हो रहे हैं। वोटिंग सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक होगी। मतदान के बाद सभी मतपेटियां डिस्ट्रिक्ट जज के पास जमा करवाई जाएगी। जो अगले दिन पुलिस सुरक्षा में जोधपुर पहुंचेगी। जहां 29 अप्रेल से मतगणना शुरू होगी। जयपुर में सबसे ज्यादा वोटर प्रदेश में मतदान के लिए कुल 258 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। इनमें राजस्थान हाईकोर्ट में सबसे बड़ा पोलिंग बूथ है। हाईकोर्ट जयपुर के पोलिंग ऑफिसर अधिवक्ता बसंत सिंह छाबा ने बताया- हाईकोर्ट पोलिंग बूथ में 14 हजार 781 अधिवक्ता वोटर रजिस्टर्ड हैं। बूथ पर वोटिंग के लिए 200 कैबिन बनाए गए हैं। ऐसे में एक समय में 200 वकील एक साथ वोट कर सकेंगे। बसंत सिंह छाबा ने बताया- हाईकोर्ट के गेट नंबर-3 और 4 से केवल वोटर्स को प्रवेश दिया जाएगा। पक्षकार और अन्य व्यक्तियों की एंट्री इनसे बंद रहेगी। जयपुर में हाईकोर्ट के अलावा सेशन कोर्ट, फैमिली कोर्ट, आमेर और सांगानेर कोर्ट में भी पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। जयपुर में सबसे ज्यादा 22 हजार वोटर हैं। चुनाव में पहली बार महिला आरक्षण बीसीआर के चुनाव में पहली बार महिला अधिवक्ताओं को 30 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। 23 में से 5 पदों पर महिला अधिवक्ता चुनी जाएंगी। इसके अलावा दो पदों पर महिला अधिवक्ताओं को सह-नामित (को-ऑप्टेड) किया जाएगा। ऐसे में 25 सदस्यों में से पहली बार 7 सदस्य महिलाएं होंगी। यही वजह है कि इस बार 57 महिला प्रत्याशी मैदान में हैं। पोलिंग बूथ पर वोटर नहीं ले जा सकेंगे मोबाइल इस बार चुनाव में नियमों की सख्ती से पालना कराई जा रही है। मतदान शुरू होने से 36 घंटे पहले प्रचार बंद कर दिया गया। मतदान केंद्र में केवल अधिकृत मतदाता ही प्रवेश कर सकेंगे। केंद्र में मोबाइल, कैमरा, स्कैनर और किसी भी तरह का इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस ले जाने की अनुमति नहीं होगी। निर्वाचन आचार संहिता के तहत मतदान दिवस पर मतदान केंद्र के 200 गज के दायरे में किसी भी प्रकार का प्रचार प्रतिबंधित रहेगा। कोई भी प्रत्याशी और उनके समर्थक वोट मांगने, पर्चे बांटने, नारे लगाने, बैनर लगाने, मतदाताओं को प्रभावित करने जैसी गतिविधि नहीं कर सकेगा।
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