मोगा सिविल अस्पताल में आपस में भिड़े एंबुलेंस संचालक:शव को नेपाल ले जाने को लेकर हुआ विवाद, लोगों ने कराया बीच-बचाव




मोगा के सिविल अस्पताल में उस समय हंगामा हो गया जब एक मृतक के शव को नेपाल ले जाने को लेकर 2 निजी एंबुलेंस संचालक आपस में भिड़ गए। विवाद इतना बढ़ा कि बात हाथापाई तक पहुंच गई। इस घटना के कारण मृतक के परिजनों को करीब एक घंटे तक परेशानी का सामना करना पड़ा। जानकारी के अनुसार, नेपाल निवासी दल बहादुर मेहता मोगा जिले की एक रबर कंपनी में कार्यरत थे। बीमारी के कारण उनकी मौत हो गई थी। उनका शव गांव सिंघा वाला स्थित शव गृह में रखा गया था। सोमवार दोपहर एक निजी एंबुलेंस संचालक शव को अस्पताल की औपचारिकताएं पूरी करने के लिए सिविल अस्पताल लाया था। बहस के बाद हुई हाथापाई इसी दौरान एक अन्य एंबुलेंस संचालक भी वहां पहुंच गया। उसने अपनी गाड़ी इमरजेंसी वार्ड के बाहर खड़ी कर शव को नेपाल ले जाने की जिम्मेदारी लेने की जिद की। दोनों पक्षों के बीच बहस तेजी से बढ़ी और जल्द ही हाथापाई में बदल गई। मौके पर मौजूद लोगों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को शांत कराया। इस विवाद के कारण मृतक के परिजनों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा, जिसके बाद वे शव लेकर नेपाल के लिए रवाना हो सके। सिविल अस्पताल में निजी एंबुलेंस संचालकों की भीड़ गौरतलब है कि मोगा के मथुरा दास सिविल अस्पताल में निजी एंबुलेंस संचालकों की भीड़ आम बात है। ये संचालक अक्सर मरीजों को महंगे किराए पर निजी अस्पतालों में ले जाने का दबाव बनाते हैं। सरकारी एंबुलेंस की कमी और निजी एंबुलेंस की मनमानी के कारण मरीजों और उनके परिजनों को अक्सर ऐसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।



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