बिहार का रंगीन मिजाज DSP-5 गर्लफ्रेंड रखता है:हर प्रेमिका को महंगी कार-घर दिया, काम वाली थार से चलती है, कैसे रडार पर आया




पहले शगुफ्ता शमीम, फिर पारो व बेचनी का पता चला। खुद की साली से कनेक्शन की बात आई। अब बिहार पुलिस की महिला सिपाही का नाम सामने आया। ये सभी किशनगंज के पूर्व SDPO-1 और सस्पेंडेड डीएसपी गौतम कुमार की गर्लफ्रेंड हैं। गौतम की 5 गर्लफ्रेंड का पता चला है। इसने हर प्रेमिका के लिए अलग-अलग घर और गाड़ी का इंतजाम कर रखा था। गौतम के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले की जांच कर रही आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की टीम के सामने उसकी मनोहर कहानियां सामने आई हैं। संडे बिग स्टोरी में पढ़िए गौतम ने कैसे खाकी वर्दी का दुरुपयोग किया? कैसे पुलिस मुख्यालय की रडार पर आया? अपनी प्रेमिकाओं के लिए क्या-क्या किया? पहले जानिए गौतम कुमार कैसे पुलिस मुख्यालय की रडार पर आया? नवंबर से पहले केंद्र सरकार को भेजी गई थी खुफिया रिपोर्ट सुरक्षा के लिहाज से किशनगंज बिहार के सीमांचल इलाके का बेहद संवेदनशील जिला है। इसके एक तरफ नेपाल तो दूसरी तरफ वेस्ट बंगाल है। नॉर्थ ईस्ट के राज्यों से आने पर बिहार में पहली एंट्री इसी इलाके से होती है। यहां से बांग्लादेश बॉर्डर भी बहुत दूर नहीं है। तस्करी के सामानों को लाने-ले जाने का ट्रांजिट रूट भी यही है। इस वजह से केंद्र सरकार की खुफिया एजेंसी IB (इंटेलिजेंस ब्यूरो) और नेपाल बॉर्डर की सुरक्षा में तैनात SSB (सशस्त्र सीमा बल) की टीम किशनगंज में बेहद चौकन्ना रहती है। IB और SSB कई महीनों से किशनगंज की पुलिसिंग पर खास नजर रख रही थी। इन्हें अच्छे से पता चल चुका था कि किस तरह गौतम कुमार माफियाओं के साथ मिला हुआ है। उनकी मदद कर रहा है। बदले में काले धन की कमाई कर रहा है। सूत्रों की मानें तो नवंबर 2025 से पहले किशनगंज में पुलिसिया कार्रवाई को लेकर एक इंटरनल रिपोर्ट तैयार कर केंद्र सरकार को भेजी गई थी। इसमें बताया गया था कि माफियाओं के साथ मिलकर पुलिस वाले किस तरह के खेल खेल रहे हैं। संगठित अपराध में शामिल हैं पुलिस वाले केंद्र सरकार की ओर से एक रिपोर्ट बिहार सरकार और बिहार पुलिस मुख्यालय को भेजी गई। इसमें बताया गया कि किशनगंज में एक तरह का संगठित अपराध चल रहा है। इसमें वहां के पुलिस वाले शामिल हैं। रिपोर्ट में दिए गए तथ्यों के आधार पर मुख्यालय ने पूरे सीमांचल इलाके में पुलिस द्वारा पिछले दो साल में की गई कार्रवाई की लिस्ट निकाली। उसका रिव्यू किया। तुलनात्मक रिव्यू में किशनगंज फिसड्डी जिला निकला। जाली नोट, शराब तस्करी, आर्म्स रिकवरी, नारकोटिक्स रिकवरी, पशु तस्करी और एंट्री माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई का परफॉर्मेंस जीरो निकला। इसके बाद पुलिस मुख्यालय को लगा कि किशनगंज में सबकुछ सही नहीं चल रहा है। किसी भी बड़े मामले में कोई रिकवरी नहीं होने के पीछे दो वजह हो सकती है। पुलिस मुख्यालय ने कराई इंटरनल जांच वजह खंगालने के लिए इंटरनल तरीके से पुलिस मुख्यालय ने जांच कराई। इसमें सब कुछ स्पष्ट हो गया कि वहां चल क्या रहा था। यहीं से गौतम कुमार रडार पर आ गया। इसने पुलिस के अंदर ही अपना एक बड़ा नेक्सस तैयार कर लिया था। इसलिए सबसे पहले उस नेक्सस को तोड़ने की कवायद हुई। इसके लिए किशनगंज के तत्कालीन SP सागर कुमार झा का ट्रांसफर किया गया। इन्हें किशनगंज से हटाकर पटना का ट्रैफिक SP बना दिया गया। इनकी जगह IPS संतोष कुमार को किशनगंज का नया SP बनाया गया। यह ट्रांसफर इसी साल जनवरी महीने में हुआ था। अमित शाह की बैठक से पहले भी हुआ था रिव्यू 26 फरवरी 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह किशनगंज आए थे। नेपाल और बांग्लादेश बॉर्डर की सिक्योरिटी को लेकर उन्होंने रिव्यू मीटिंग की थी। सूत्र बताते हैं कि गृह मंत्री के आने से पहले पूरे सीमांचल इलाके में माफियाओं, तस्करों और अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने ऑपरेशन चलाया था। इसमें गौतम कुमार के सब डिवीजन की परफॉर्मेंस पर खास नजर रखी जा रही थी। जैसी आशंका थी, वैसा ही हुआ। परफॉर्मेंस बेहद खराब निकला। इसके बाद मुख्यालय ने गौतम कुमार के खिलाफ जांच कर कार्रवाई करने को कहा। इसका रिजल्ट अब सभी के सामने है। काली कमाई से प्रेमिकाओं को दी लग्जरी लाइफ 29 मार्च 2026 को FIR दर्ज करने के बाद EOU की टीम ने 31 मार्च को गौतम के 6 ठिकानों पर छापेमारी की। तब से लगातार EOU की जांच जारी है। करीब 14 दिनों तक दो टीमें लगातार सीमांचल इलाके में घूमती रही। खासकर किशनगंज, पूर्णिया और पड़ोसी राज्य वेस्ट बंगाल के सिलीगुड़ी और बागडोगरा को पूरी तरह से खंगाल डाला। इससे जुड़े ठिकाने की जांच की। अब तक की पड़ताल में जो बातें सामने आई हैं, उनसे यह बात स्पष्ट हुआ है कि गौतम भ्रष्टाचार की कमाई से अपनी सभी गर्लफ्रेंड की लग्जरी लाइफ का पूरा ध्यान रख रहा था। डगरूआ में 40 बीघा जमीन तो नेपाल के झापा में भी प्रॉपर्टी मिली गौतम कुमार के खिलाफ दर्ज FIR में 16 प्रॉपर्टी खरीदे जाने का जिक्र था। सिलीगुड़ी में चाय बागान तो नेपाल में भी प्रॉपर्टी खरीदे जाने की बात सामने आई। इसके बाद जब जांच आगे बढ़ी तो और भी प्रॉपर्टी होने का क्लू मिला। आर्थिक अपराध इकाई के अनुसार पूर्णिया के डगरूआ में गौतम कुमार की 40 बीघा जमीन होने के सबूत मिले हैं। इसमें 16 बीघा जमीन गौतम ने अपने नाम पर ले रखी है। बाकी के 24 बीघा जमीन दूसरे लोगों के नाम पर है। इन जमीनों को स्टाम्प पेपर पर लिखवाया गया है। एक टीम 40 बीघा जमीन की डिटेल्स खंगाल रही है। दूसरी ओर किशनगंज से सटे नेपाल के झापा जिले में भी गौतम की प्रॉपर्टी का पता चला है। इसकी डिटेल्स भी खंगाली जा रही है। यहां अक्सर गौतम का अपने कुछ खास लोगों के साथ आता-जाता था। अब जानिए गौतम की प्रेमिकाओं की कहानी, पति से अलग रह रही महिलाओं को फंसाया 1994 में गौतम बिहार पुलिस में सब इंस्पेक्टर था। पूर्णिया के मधुबनी मोहल्ले की रहने वाली रूबी कश्यप से इसका अफेयर था। दोनों ने लव मैरिज की। मगर, गौतम की रंगीन मिजाजी यहां नहीं रुकी। पत्नी के अलावा समय-समय पर नई महिलाओं से इनके मधुर रिश्ते बनते चले गए। 2013 में यह प्रमोशन पाकर सब इंस्पेक्टर से इंस्पेक्टर बना। गैलेंट्री अवार्ड की वजह से 2019 में इंस्पेक्टर से प्रमोशन पाकर डीएसपी बना। इस दौरान गर्लफ्रेंड बनाने का सिलसिला रुका नहीं। अब तक इनकी 5 गर्लफ्रेंड का पता चला है। चौंकाने वाली बात ये है कि गर्लफ्रेंड बनाने का इसका एक खास तरीका सामने आया है। यह पति से अलग रह रही महिलाओं को अपने प्रेम जाल में फंसाता है। अब इसकी 5 गर्लफ्रेंड के बारे में जानिए… 1- डीएसपी की मैडम के नाम से मशहुर हैं शगुफ्ता किशनगंज में पुलिस वाले हों या फिर गौतम कुमार को जानने वाले। इनकी गर्लफ्रेंड शगुफ्ता शमीम को लोग डीएसपी की मैडम के नाम से जानते हैं। वहां इसी नाम से वह मशहूर हैं। 4 बहनों में से एक शगुफ्ता शमीम मूल रूप से पूर्णिया की हैं। लाइन बाजार में झंडा चौक के आशियाना कॉलोनी में इनका घर है। 2008 से इन दोनों के बीच रिश्ता है। गौतम ने शगुफ्ता के नाम पर 7 प्रॉपर्टी पूर्णिया में खरीद रखी है। वह गौतम की पत्नी रूबी कश्यप से ज्यादा पूर्णिया से किशनगंज आती-जाती थी। इस वजह से लोग समझते थे कि गौतम की पत्नी यही है। दोनों ने शादी नहीं की है। शगुफ्ता एक बच्चे की मां हैं। पटना से हुई फरार जांच एजेंसी के मुताबिक शगुफ्ता के पिता का नाम शमीम अख्तर है। उनका निधन हो चुका है। पिता ट्रक ड्राइवर थे। इन्होंने एक ट्रक लोन पर ली थी। जांच में यह बात सामने आई कि पिता की मौत के बाद भी ट्रक का करीब 16 लाख रुपए लोन बैंक को देना था। लोन के पूरे रुपए गौतम ने चुकाए। उसने शगुफ्ता के अकाउंट में रुपए भेजे। जांच एजेंसी की नजर में ट्रक भी गौतम की बेनामी प्रॉपर्टी है। EOU को शगुफ्ता की तलाश है। वह इस केस में नामजद अभियुक्त है। काफी समय से अपने बच्चे के साथ पटना के कुर्जी इलाके में किराए के मकान में रह रही थी। जब EOU ने गौतम पर शिकंजा कसा तो इसने अपना ठिकाना बदल दिया। जब EOU की टीम कुर्जी पहुंची तो उसके पहले ही वह किराए का घर छोड़कर फरार हो चुकी थी। 2- 10 हजार महीने पर काम करती है पारो पारो किशनगंज के धर्मगंज स्थित केला बागान इलाके की रहने वाली है। यह वही महिला है, जिसका वीडियो थार गाड़ी और 500 रुपए के नोटों की गड्‌डी के साथ चर्चा में आया है। पारो गौतम के घर की नौकरानी है। 10 हजार रुपए महीने पर गौतम ने इसे अपने घर के काम-काज के लिए रखा था। इसका अपने पति लक्ष्मी पोद्दार से अलगाव हो चुका है। मायके का परिवार गरीब है। घर झोपड़ीनुमा था। गौतम ने नौकरानी को अपनी गर्लफ्रेंड बनाया। काला धन खर्च कर पारो की झोपड़ी हटाकर उसी जमीन पर बढ़िया घर बनवा दिया। EOU की टीम ने पारो से पूछताछ की थी। इससे 500 के नोटों की गड्‌डी वाले वीडियो के बारे में पूछा। उसने बताया कि गौतम के घर में उसके बेड पर रुपए रखे थे। उसे अपने हाथों में लेकर उसने वीडियो बनाया था। गौतम से जुड़ने के बाद पारो लग्जरी लाइफ जी रही थी। गौतम की गाड़ियों से आती-जाती थी। 3- बेचनी के साथ है गौतम का पुराना संबंध बेचनी किशनगंज के रूईधासा इलाके की रहने वाली है। यह भी मुस्लिम परिवार से आती है। इसके साथ गौतम कुमार का पुराना और गहरा संबंध है। इनके बीच का संबंध तब से है जब गौतम सब इंस्पेक्टर था। गौतम ने बेचनी को भी पहले घर के काम-काज के लिए रखा था। बाद में रिश्ता बदल गया। सूत्रों के अनुसार गौतम कई बार बेचनी को किशनगंज से पटना स्थित अपने घर लाया था। इसके बारे में भी EOU जांच कर रही है। 4- साली रमा राज के साथ हैं गौतम के संबंध गौतम के संबंध अपनी साली रमा राज के साथ भी हैं। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि जीजा से जुड़ाव होने के कारण साली ने आज तक शादी नहीं की। दोनों के बीच के संबंधों की बात तब खुली जब EOU को तलाशी के क्रम में रमा राज के नाम के बैंक अकाउंट्स के पेपर, उसके ATM कार्ड सहित कई महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट्स गौतम के पास से मिले। पड़ताल आगे बढ़ी तो पता चला कि रमा राज पंजाब नेशनल बैंक में काम करती हैं। वर्तमान में सिलीगुड़ी में पोस्टेड हैं। इस कारण भी गौतम का वहां लगातार आना-जाना लगा रहता था। अब इस बात की जांच की जा रही है कि क्या गौतम ने अपनी साली के नाम से भी कहीं कोई प्रॉपर्टी खरीदी है या फिर किसी प्रकार का कोई इन्वेस्टमेंट कर रखा है। 5- महिला सिपाही के लिए बनाया दो मंजिला घर दिलफेक गौतम ने अपने डीएसपी पद की गरिमा पूरी तरह खत्म कर दी थी। किशनगंज में ही इसने एक महिला सिपाही को ट्रैप किया। उसकी लग्जरी लाइफ का पूरा ख्याल रखा। इस पर भी काफी रुपए खर्च किए। जांच के दौरान 2015 बैच की महिला सिपाही नूतन का पता चला। वह पेपर रिसीव और डिस्पैच में काम करती है। इसका भी अपने पति से अलगाव हो चुका है। गौतम ने काली कमाई से किशनगंज में नूतन के लिए दो मंजिला घर बनवाया। उसे घूमने के लिए एक स्कॉर्पियो गाड़ी खरीद कर दी। साझेदार निकला टाउन थानेदार, 84 लाख रुपए कैश देकर ली जमीन किशनगंज टाउन थाना का थानेदार रहा इंस्पेक्टर अभिषेक कुमार रंजन भ्रष्टाचार कर काली कमाई के मामले में गौतम के नक्शे कदम पर चल रहा था। वह गौतम के विश्वासी राजदार लोगों में से एक है। सूत्र बताते हैं कि गौतम के मूवमेंट की जांच के लिए उसके मोबाइल नंबर का टावर लोकेशन खंगाला गया था। इससे एक बड़ा क्लू मिला। अभिषेक रंजन कई बार गौतम के साथ सिलीगुड़ी गया था। इसके खिलाफ भी जांच आगे बढ़ी। आय से अधिक संपत्ति के मामले में ठोस सबूत मिलने पर 13 अप्रैल को EOU ने इंस्पेक्टर के खिलाफ FIR दर्ज किया और 14 अप्रैल को किशनगंज और पटना समेत इसके 5 ठिकानों पर छापेमारी की थी। अभिषेक ने 6 कट्‌ठा जमीन 17 लाख रुपए प्रति कट्ठा के हिसाब से बागडोगरा में खरीदी थी। साढ़े तीन कट्‌ठा जमीन अपनी पत्नी तो ढ़ाई कट्‌ठा जमीन अपने साले के नाम पर ली। एक करोड़ से अधिक की जमीन के लिए 84 लाख रुपए कैश में दिए। बिहार पुलिस में अभिषेक का करियर बतौर सब इंस्पेक्टर 2009 में शुरू हुआ था। फिर प्रमोशन पाकर इंस्पेक्टर बना। वह किशनगंज से पहले बहादुरगंज में तैनात था। 2024 में ट्रांसफर मिलने पर किशनगंज गया और टाउन थानेदार बना। यहीं से गौतम से नजदिकियां बढ़ी। अभिषेक भी लग्जरी लाइफ जीता है। वह 5 दिन मुंबई के होटल ताज में रहा, 1.56 लाख रुपए खर्च किए। घूमने के लिए पोर्ट ब्लेयर भी गया। इसके खिलाफ भी कई पॉइंट्स पर जांच चल रही है। इस मामले के सामने आने के बाद पूर्णिया रेंज के IG ने इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया है। राजदार है युवराज होटल का मालिक गौतम कुमार के मामले में एक सबसे बड़े राजदार का पता EOU की टीम को चला है। इसका नाम संजय सिंह है। मूल रूप से किशनगंज में टाउन थाना इलाके का रहने वाला है। वह किशनगंज से करीब दो किलोमीटर दूर वेस्ट बंगाल के उत्तरी दिनाजपुर जिले के चकलिया में रामपुर चेक पोस्ट के पास स्थित युवराज होटल का मालिक है। अक्सर गौतम इसके होटल पर जाकर बैठकी जमाया करता था। गौतम के पास दो थार मिली थी। इसमें एक थार संजय सिंह के ड्राइवर के नाम खरीदी गई थी। जांच के दौरान टीम के सामने गौतम ने दावा किया था कि संजय ने उसे थार गिफ्ट की थी। अब बहुत जल्द EOU संजय सिंह से पूछताछ करेगी। तत्कालीन SP सब कुछ जानते हुए भी चुप क्यों रहे? जांच एजेंसी से जुड़े सूत्रों के अनुसार किशनगंज के तत्कालीन SP सागर कुमार झा को अपने SDPO-1 गौतम कुमार के काले कारनामों की सारी जानकारी थी। गौतम माफियाओं से मिला है। अपराधियों का साथ दे रहा है। फिर भी उन्होंने गौतम के खिलाफ कोई कदम क्यों नहीं उठाया? पुलिस मुख्यालय को इसकी जानकारी क्यों नहीं दी? ऐसे कई सवाल हैं, जिसका जवाब उनसे मिलेगा। इसलिए कुछ दिनों में जांच एजेंसी की टीम इनसे भी मिलेगी और सवालों के जवाब तलाशेगी। रडार पर हैं सीमांचल के 4 SDPO गौतम कुमार अकेले ऐसे पुलिस अधिकारी नहीं हैं जो बिहार पुलिस में नौकरी के 32 सालों में से सबसे अधिक साल सीमांचल के इलाकों में गुजार दिए। इनके जैसे 4 पुलिस अधिकारियों की पहचान हुई है। ये सब इंस्पेक्टर से लेकर डीएसपी बनने तक में लगातार सीमांचल में ही पैरवी और रुपए के दम पर अपनी पोस्टिंग कराते रहे। EOU ने इन सभी की कुंडली खंगालनी शुरू कर दी है। गौतम कुमार के आचरण की बनेगी रिपोर्ट EOU के ADG नैयर हसनैन खान ने कहा कि पुलिस अधिकारी और वर्दीधारी रहते हुए गौतम कुमार का जो आचरण सामने आया है, वह पुलिसिंग के एक दम विपरीत है।



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