उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के घोषित हुए हाई स्कूल और इंटर मीडिएट के परिणामों में मथुरा में बेटियों ने बाजी मारी। यहां इंटर मीडिएट में नीरज ने 90.60 प्रतिशत अंक लाकर जिला टॉप किया तो हाई स्कूल में तनु ने 95 प्रतिशत अंक लाकर जिले का नाम रोशन किया। जिले में टॉप 3 करने वाले स्टूडेंट में से कोई किसान की बेटी है तो कोई मजदूर की। बेटी ने किया गर्व से सर ऊंचा इंटर मीडिएट में जिला टॉप करने वालों में गोवर्धन के अरवीन खान और कोसी की नीरज रहीं। दोनों के बराबर अंक आए और वह 90.60 प्रतिशत अंक लाकर जिले में प्रथम स्थान पर रहे। कोसी क्षेत्र के जाव गांव की रहने वाली नीरज के पिता चंद्रभान किसान हैं। चंद्रभान बताते हैं कि वह कभी हाई स्कूल पास नहीं कर सके थे लेकिन बेटी ने आज जिला टॉप कर उनका सर गर्व से ऊंचा कर दिया है। चंद्रभान बताते हैं ग्रामीण माहौल में जिस तरह नीरज ने मेहनत और लग्न से यह सफलता हासिल की है वह वाकई काबिले तारीफ है। सिविल सर्विस के जरिए करनी है समाज की सेवा इंटर मीडिएट में जिला टॉप करने वाली नीरज कहतीं हैं इस सफलता का श्रेय वह अपने पिता,टीचर को देंगी। क्योंकि सबसे ज्यादा मोटिवेशन पिता ने किया,उन्होंने मुझ पर विश्वास जताया। नीरज बताती हैं वह प्रतिदिन 8 घंटे पढ़ाई करती थीं। नीरज का सपना है आज सिविल सर्विस कर IAS बनें और समाज के लिए कुछ अच्छे काम करें। मैथ में नीरज को मिले सबसे ज्यादा नंबर मथुरा जिला टॉप करने वाली कोसी के AVM सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा नीरज ने 12th PCM से किया। नीरज ने हिंदी में 91,इंग्लिश में 87, मैथ में 99,फिजिक्स में 82 और केमिस्ट्री में 94 अंक प्राप्त किए। नीरज के पिता किसान हैं और जाव गांव के रहने वाले हैं। मजदूर की बेटी ने हासिल किया दूसरा स्थान 12Th में जिले में दूसरा स्थान प्राप्त करने वाली रहीं महेंद्री। मजदूर पिता ने बेटी को पढ़ाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी तो बेटी ने भी पिता के सपने को साकार कर दिया। महेंद्री बताती हैं कि वह कभी सुबह तो कभी शाम को पढ़ती थीं। इसके साथ ही घर के काम में भी हाथ बंटाती थी। महेंद्री का सपना है वह डिफेंस में जाकर देश के लिए कुछ करे। तनु ने 10 th में लहराया परचम 10Th में जिला टॉप करने वाली तनु अग्रवाल बलदेव कस्बें के नजदीक स्थित जुगसना गांव की रहने वाली है। तनु ने 95 प्रतिशत अंक लाकर स्कूल ही नहीं जिला टॉप किया। तनु के पिता विनय अग्रवाल व्यापारी हैं। बेटी की सफलता से वह फूले नहीं समा रहे। तनु की सफलता से न केवल परिवार बल्कि गांव और स्कूल में खुशी का माहौल है। तनु बताती हैं उन्होंने कभी ट्यूशन नहीं लिया और मोबाइल का भी केवल पढ़ाई के लिए प्रयोग किया। जज बनने का है सपना तनु ने बताया इस सफलता का श्रेय वह अपने माता पिता को देंगी। इसके साथ ही स्कूल के टीचरों ने भी हमेशा सहयोग किया। तनु कहती हैं वह इस सफलता को बरकरार रखेंगी और उनका सपना है कि वह जज बनें। तनु कहती हैं कि मेहनत,लग्न और अनुशासन ही सफलता की कुंजी है। तीन भाई बहन में सबसे बड़ी तनु हैं। मजदूर पिता की बेटी ने लहराया परचम UP Board) के परीक्षा परिणामों में कान्हा की नगरी के मेधावियों ने एक बार फिर अपना लोहा मनवाया है। मथुरा में 10Th में दूसरा स्थान प्राप्त किया निक्की ने। होनहार छात्रा निक्की ने हाईस्कूल की परीक्षा में जिले की मेरिट लिस्ट में द्वितीय स्थान प्राप्त कर अपने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। बेहद साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाली निक्की की यह सफलता उन सभी के लिए मिसाल है जो अभावों को अपनी प्रगति में बाधा मानते हैं। निक्की के पिता मेहनत-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं, लेकिन उन्होंने अपनी बेटी की शिक्षा में कभी कमी नहीं आने दी। कठिन परिश्रम और अनुशासन बनी सफलता की कुंजी अपनी सफलता का मंत्र साझा करते हुए निक्की ने बताया कि वह स्कूल से आने के बाद प्रतिदिन 6 से 7 घंटे नियमित पढ़ाई करती थीं। खास बात यह है कि वह केवल अपनी पढ़ाई तक ही सीमित नहीं रहीं, बल्कि घर के कार्यों में अपनी माता जी का हाथ भी बंटाती थीं। घरेलू जिम्मेदारियों और पढ़ाई के बीच बेहतर संतुलन बिठाकर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है। भविष्य में निक्की का लक्ष्य IIT (भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान) में प्रवेश पाकर एक सफल इंजीनियर बनने का है। वह अपनी तकनीकी प्रतिभा के जरिए देश की सेवा करना चाहती हैं और अपने माता-पिता के संघर्षों को एक नया आयाम देना चाहती हैं।
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