मधुबनी जिलाधिकारी आनंद शर्मा के निर्देश पर जिले के सभी मध्य और उत्क्रमित उच्च माध्यमिक/उच्च माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। अब इन विद्यालयों का संचालन दो पालियों (शिफ्ट) में किया जाएगा। यह कदम छात्र-शिक्षक अनुपात में असंतुलन और संसाधनों की सीमित उपलब्धता को देखते हुए उठाया गया है। जिलाधिकारी ने बताया कि कई विद्यालयों में छात्रों की अत्यधिक संख्या के कारण गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रभावित हो रही थी। इस समस्या का समाधान करने और प्रत्येक छात्र को बेहतर शैक्षणिक वातावरण तथा सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से यह नई व्यवस्था लागू नई समय-सारणी के अनुसार, प्रथम पाली (कक्षा 1-8) सुबह 06:30 बजे से 11:30 बजे तक संचालित होगी। द्वितीय पाली (कक्षा 9-12) दोपहर 12:00 बजे से शाम 05:00 बजे तक चलेगी। दोनों पालियों के बीच सुबह 11:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक विद्यालय परिसर की साफ-सफाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि दूसरी पाली के संचालन में कोई बाधा न आए। इस नई व्यवस्था को लागू करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। 21 अप्रैल 2026 को जिला शिक्षा पदाधिकारी सभी संबंधित विद्यालय प्रधानों के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद, 22 अप्रैल से 24 अप्रैल 2026 तक विद्यालयों में शिक्षक-पालक बैठकें आयोजित कर नई व्यवस्था की जानकारी साझा की जाएगी। 25 अप्रैल 2026 को विद्यालय शिक्षा समिति की बैठक में इस प्रस्ताव को अनुमोदित कर विभाग को भेजा जाएगा। 27 अप्रैल 2026 से सभी चिन्हित विद्यालयों में दो पाली प्रणाली लागू कर दी जाएगी। बिहार सरकार की सेवा वर्गीकरण नियमावली-2005 के तहत विद्यालयों में आवश्यकतानुसार शिक्षकों की उपस्थिति और कार्य आवंटन सुनिश्चित किया जाएगा। आदेश के अनुपालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापक और कर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने इस पहल को शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि इससे विद्यार्थियों को बेहतर सीखने का माहौल मिलेगा और शिक्षकों को भी प्रभावी ढंग से शिक्षण कार्य करने में सुविधा होगी। उन्होंने सभी अभिभावकों, शिक्षकों और संबंधित अधिकारियों से इस व्यवस्था को सफल बनाने में सहयोग की अपील की है।
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