धार में जिला महिला कांग्रेस ने महिला आरक्षण कानून लागू करने में हो रही देरी पर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रीती महेश्वरी ने भाजपा पर महिला आरक्षण के नाम पर जनता को भ्रमित करने का आरोप लगाया। महेश्वरी ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कांग्रेस हमेशा से महिलाओं को सशक्त बनाने की पक्षधर रही है और पार्टी ने उन्हें राजनीतिक तथा सामाजिक रूप से आगे बढ़ाने का काम किया है। उन्होंने भाजपा के इस प्रचार को गलत बताया कि कांग्रेस ने महिला आरक्षण बिल को पास नहीं होने दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला आरक्षण बिल सितंबर 2023 में संसद के दोनों सदनों से पारित होकर कानून बन चुका है। इसके बावजूद, उन्होंने यह बड़ा सवाल उठाया कि कानून बनने के बाद भी इसे अब तक लागू क्यों नहीं किया गया और महिलाओं को इसका वास्तविक लाभ कब तक मिलेगा। स्थिति स्पष्ट करने की मांग की
महिला आरक्षण कानून लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का प्रावधान करता है। हालांकि, इसे लागू करने की प्रक्रिया को अगली जनगणना और उसके बाद होने वाले परिसीमन से जोड़ा गया है। इसका अर्थ है कि नई जनगणना के आधार पर सीटों का पुनर्निर्धारण होने के बाद ही यह आरक्षण प्रभावी हो सकेगा। प्रीती महेश्वरी ने कहा कि 2014 से केंद्र में भाजपा की सरकार है। ऐसे में महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने के लिए इस प्रक्रिया को तेज किया जाना चाहिए था, लेकिन अब तक कोई स्पष्ट समयसीमा सामने नहीं आई है। उन्होंने जोर दिया कि महिलाओं को केवल चुनावी मुद्दा बनाना उचित नहीं है, बल्कि उन्हें वास्तविक राजनीतिक भागीदारी देना आवश्यक है ताकि वे निर्णय लेने की प्रक्रिया में मजबूत भूमिका निभा सकें। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अन्य महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी महिला आरक्षण को जल्द से जल्द लागू करने और सरकार से इस पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
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