कैमूर जिले के सदर अस्पताल में इलाज के दौरान एक 23 वर्षीय प्रसूता धर्मशिला कुमारी की मौत हो गई। महिला को प्रसव पीड़ा के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मृतका की मां ने चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों पर इलाज में लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है। मृतका धर्मशिला कुमारी कुदरा थाना क्षेत्र के बलीपुर गांव निवासी रौशन बिंद की पत्नी थीं। वह पिछले डेढ़ महीने से अपने मायके चैनपुर के सुहावल गांव में रह रही थीं। विभिन्न जांचों के नाम पर इधर-उधर भटकाया
परिजनों के अनुसार, सोमवार सुबह उन्हें प्रसव पीड़ा शुरू हुई, जिसके बाद उन्हें पहले चैनपुर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें भभुआ सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया था। मृतका की मां अनीता देवी ने आरोप लगाया कि सदर अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने तुरंत इलाज शुरू करने के बजाय उन्हें विभिन्न जांचों के नाम पर इधर-उधर भटकाया। अनीता देवी के मुताबिक, डॉक्टरों की सुस्ती और जांच प्रक्रियाओं में हुई देरी के कारण उनकी बेटी की जान चली गई। परिसर में ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई
घटना के बाद अस्पताल परिसर में ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ को शांत कराया। अस्पताल के डीपीएम ऋषिकेश जायसवाल ने इस मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि मरीज पीपीएच (पोस्टपार्टम हेमरेज) से ग्रसित थी। उन्होंने लापरवाही के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि परिजनों को पोस्टमार्टम के लिए समझाया गया था, लेकिन वे बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव लेकर चले गए। फिलहाल, मृतका के परिजन जिला प्रशासन से न्याय और इस मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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