मोगा जिले के विधानसभा हलका बाघापुराना के थाना स्मालसर क्षेत्र में मोटर की केबलें काटने वाले गिरोह के दो सदस्यों को आज किसानों और टोल प्लाजा कर्मचारियों ने पकड़ लिया। यह गिरोह पिछले एक महीने से सेखा खुर्द, सेखा कलां, ठठ्ठी भाई और बंबीहा भाई जैसे गांवों में सक्रिय था। गिरफ्तार आरोपियों ने खुद को नजदीकी कस्बा बरगाड़ी के रुलिया नगर का निवासी बताया है। उन्होंने खुलासा किया कि उनके गिरोह में करीब 15 सदस्य हैं और वे इस इलाके के लगभग सभी गांवों में केबल चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। पूछताछ में आरोपियों ने अपने अन्य साथियों और जैतो मंडी के उस कबाड़ी का नाम भी बताया, जहां चोरी किया गया तांबा बेचा जाता था। हालांकि, पुलिस को सुबह ही सूचना दे दी गई थी, लेकिन आरोप है कि पुलिस करीब दो घंटे से अधिक की देरी से पहुंची। इस देरी को लेकर किसानों में पुलिस प्रशासन के प्रति भारी रोष देखा गया। फिलहाल स्मालसर पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेकर उनके अन्य साथियों की तलाश शुरू कर दी है।
एक महीने से गिरोह कर रहा था वारदात इस गिरोह के कुछ सदस्यों के पकड़े जाने से किसानों को राहत मिली है, लेकिन पुलिस की सुस्त कार्यप्रणाली को लेकर उनमें भारी नाराजगी भी है। किसानों के अनुसार, पिछले एक महीने से यह गिरोह इलाके में दहशत फैलाए हुए था और सैकड़ों किसानों की मोटरों की केबलें काट चुका था। ट्रांसफॉर्मरों को भी निशाना बनाया गया, जिससे किसानों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ।कई बार किसान दे चुके शिकायत, नहीं हो रही कार्रवाई किसानों ने बताया कि उन्होंने पहले भी कई बार थाना स्मालसर पुलिस को शिकायतें दी थीं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनकी शिकायतें अनसुनी की जाती रहीं, जिससे गिरोह के हौसले बुलंद होते गए। आज सुबह करीब 4 बजे गिरोह के सदस्य सेखा कलां क्षेत्र में केबल काटने के बाद सेखा कलां और वैरो के बीच बने टोल प्लाजा पर खड़े वाहनों की बैटरियां चोरी करने लगे। वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उनका पीछा किया और उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया। गांवों के सैकड़ों किसान मौके पर जुटे घटना की खबर फैलते ही सेखा कलां, ठठ्ठी भाई, वैरो के और आसपास के गांवों के सैकड़ों किसान मौके पर जुट गए। किसानों का कहना है कि यही गिरोह पिछले एक महीने से लगातार चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहा था और डर के कारण कई किसान खुलकर सामने नहीं आ पा रहे थे।
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